केन्द्रीय उर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने दिल्ली में बिजली संकट पर अपने कार्यालय में 10 जून 2014 को एक विस्तृत समीक्षा बैठक की, जिसमें दिल्ली के उपराज्यपाल, दिल्ली उर्जा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और दिल्ली की बिजली वितरण कम्पनियां उपस्थित थीं। उक्त तारीख तक विभिन्न विषयों पर की गई कार्रवाई की स्थिति निम्न प्रकार है;
1.पावर ग्रिड कारपोरेशन आफ इंडिया लिमिटेड (पीजीसीआईएल) को गोपालपुर – मंडोला, बामनौली- पपनकलां और बवाना – रोहिणी लाइन से दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड की तरफ से 220 किलोवाट बिजली के स्थाई भंडारण के लिए निर्देशित किया गया।
क) 220 किलोवाट बामनौली- पपनकालां ट्रांसमिशन लाइन जिसमें भंडारण और परिनिर्माण के लिए पांच विशाल ट्रांसमिशन टावर शामिल हैं, जो आज (16-06-2014) को पूर्ण होंगे और चार्ज होंगे। सामान्यत: दो महीने में किए जाने वाले काम को छह दिन में पूरा किया गया है। इसके लिए काम 24 घंटे सातों दिन चला।
ख) 220 किलोवाट गोपालपुर- मंडोला ट्रांसमिशन लाइन जो सामान्य तौर पर भंडारण के लिए 1-11/2 महीने का समय लेती है, आज (16-06-2014) पूरा हो जाएगी और चार्ज होगी।
ग) 220 किलोवाट बवाना ट्रांसमिशन लाइन जिसमें भंडारण के लिए छह बडे टावर हैं और विनिर्माण संयंत्र से स्टील आपूर्ति का भी प्रबंध है और स्थानीय निर्माण का कार्य भी पूरी गति से चल रहा है जो कि अपने पूर्व निर्धारित लक्ष्य अर्थात 20-6-2014 को पूरा कर लिया जाएगा।
घ) 220 किलोवाट डीसी महारानी बाग- गाजीपुर लाइन जो कि एक नई लाइन है, जिसका काम तेज गति से चल रहा है, जो कि सामान्य परिस्थितियों में पूरा होने में छह से आठ महीने का समय लेगी, क्योकि इसके तीन आधार स्तंभो को यमुना नदी में लगाने के लिए विशेष प्रयासों की आवश्यकता है और जिसमें सामान की आवाजाही के लिए नावें भी शामिल होंगी। इस निर्माण स्थान का केन्द्रीय उर्जा मंत्री ने उर्जा सचिव के साथ व्यक्तिगत रूप से 11 जून 2014 को दौरा करते हुए सातों दिन 24 घंटे काम की व्यवस्था को सुनिश्चित किया। इस लाइन पर कार्य 23 जून 2014 को पूरा हो जाने की संभावना है।
ङ) बदरपुर – नोएडा- गाजीपुर लाइन पर जारी काम, जो कि केबल जोडों में नुकसान हो जाने के कारण काम नही कर रही है। इसमें भी कार्य प्रगति पर हैं और 18-06-2014 तक विद्युतिकरण की संभावना है।
च) 400 किलोवाट दादरी – लोनी- हर्ष विहार लाइन पर भी कार्य प्रगति में हापुड / गाजियाबाद में तीन स्थानों और उत्तरप्रदेश सरकार से वन अनापत्ति के कारण बाधा आई है। अब यह उत्तर प्रदेश की सरकार की सहायता से हल हो गई है और वन अनापत्ति भी शीघ्र ही जारी होने की संभावना है। कार्य अपने निर्धारित समयानुसार प्रगति कर रहा है और जुलाई के प्रथम सप्ताह में इसके पूरा होने की संभावना है।
छ) 315 मेगावाट क्षमता का एक अतिरिक्त ट्रांसफार्मर भी आपातकाल के आधार पर शुरू किया गया है और यह 12-06-2014 से उपलब्ध है।
ज) महारानी बाग – ट्रामा सेंटर लाइन डीटीसी/ डीएमआरसी द्वारा ठीक की जा रही है। जिसके 30-06-2014 तक फिर से बहाल होने की संभावना है ।
2.दिल्ली को 400 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्पादन में सक्षम बनाने के लिए एनटीपीसी ने बवाना विद्युत संयंत्र को दूसरे स्टेशन से गैस आवंटित की। दिल्ली ने इसका तीन दिन उपयोग किया। तदोपरांत कम मांग होने के कारण इसको रिजर्व रख लिया गया है और जब दिल्ली को आवश्यकता होगी, तो इससे अतिरिक्त बिजली उत्पादन किया जा सकता है।
3.केन्द्रीय मंत्री से बैठक के बाद भेल ने भी गैस आधारित प्रगति संयंत्र के काम की मरम्मत को प्राथमिकता से लिया है। मरम्मत के बाद एक अतिरिक्त गैस टरबाइन और एक स्टीम टरबाइन पर कार्य प्रगति पर है और प्रगति पावर कारपोरेशन लिमिटेड के जीटी पावर स्टेशन पर यह कार्य पहले ही शुरू किया जा चुका है, जो कि दिल्ली के लिए अतिरिक्त 50 मेगावाट बिजली का उत्पादन करेगा। एक अन्य गैस टरबाइन ईकाई का भी काम पूरा किया जा चुका है और वर्तमान में बिना किसी भार के चल रहा है और इसके कल तक पटरी पर आ जाने की संभावना है।
4.बिजली वितरण कम्पनियां अपनी प्रत्येक दिन बिजली कटौती योजना की रिपोर्ट दे रही है । परंतु वितरण संस्थाओं को दिल्ली सरकार की देखरेख में फीडर कटौती और अन्य खामियों विशेषकर बीएसईएस क्षेत्रों में पुनर्बहाली के लिए, लिए जाने वाले समय को संबोधित करने की आवश्यकता है।