समाज सेवा से बड़ा कोई भी पुनीत कार्य नहीं
Web Admin
5 दरिया न्यूज (विजयेन्दर शर्मा)
धर्मशाला , 21 Jan 2013
Last updated on: Jan 21, 2013, 00:00 IST
कांगड़ा के पुलिस अधीक्षक दिलजीत ठाकुर ने कहा है कि समाज सेवा से बड़ा कोई भी पुनीत कार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि हर जरूरतमंद को मदद करने के लिये समाज को आगे आना चाहिये। ताकि सामाजिक भेदभाव की भावना को अंकुश लग सके। ठाकुर सोमवार को यहां पर्यटन निगम के होटल ज्वालाजी में शनि सेवा सदन की ओर से आयोजित समारोह में बतौर मुख्यतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी पाशचात्य संस्कृति की गिरफत में आती जा रही है जिससे सामाजिक विकृतियां पैदा हो रही हैं। जिन्हें दूर करने के लिये समाज सेवी संस्थायें अहम भूमिका निभा सकती हैं। उन्हेांने कहा कि सामाजिक उत्थान के लिये सरकार की ओर से कई प्रभावकारी योजनायें हैं। लेकिन सामाजिक संस्थायें भी इसमें बेहतरीन रोल अदा कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि समाज में आज नशों का प्रचलन बढ़ रहा है। लिहाजा नशा मुक्ति के लिये प्रभावी कदम आपसी सहयोग से उठाये जा सकते हैं। उन्होंने दलील दी कि पुलिस अकेले कुछ नहीं कर सकती उसे समाज का सहयोग चाहिये, तभी वांछित सफलता हाथ लग सकती है। उन्होंने शनि सेवा सदन के प्रयासों की मुकत्कंठ से प्रशसां करते हुये कहा कि ऐसे समारोह निरंतर होने चाहियें। काबिलेगौर है कि आज यहां शनि सेवा सदन की ओर से इलाके के अंपगों को व्हील चेयर, गरीब कन्याओं के विवाह के लिये राशन व कानों के बहरे लोगों को मशीनें प्रदान की गईं। वहीं गरीब छात्रों को पाठय पुस्तकें भी दी गईं। इससे पहले कांगड़ा के पुलिस अधीक्षक ने ज्वालामुखी में यातायात पुलिस में तैनात कांस्टेबल विजय ठाकुर को उनक ी बेहतरीन कार्यशैली के लिये सदन की ओर से सम्मानित भी किया। इस मौके पर बोलते हुये शनि सेवा सदन के अध्यक्ष परविन्दर भाटिया ने कहा कि यहां कोई कुछ नहीं है। संस्था से तमाम लोग सेवा भाव भाव से जुड़े हैं। जिस तरीके से सस्था गरीबों की मदद कर रही है उसी तरीके से संस्था को भी लोगों से आर्थिक सहयोग मिल रहा है। पूरी व्यवस्था में परदर्शिता बरती जा रही है व जरूरतमंद तक सहयोग पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। संस्था के स्थानीय प्रभारी शैलेश शर्मा ने संस्था का वार्षिक लेखा जोखा रखा व बताया कि संस्था की ओर से कई परिवारों को मदद दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि संस्था में कोई राजनैतिक दखल नहीं होने दिया जाता है।