पौंग झील में अब मछली का अवैध शिकार करने वालों पर विभाग की तेज निगाह
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5 दरिया न्यूज (विजयेन्दर शर्मा)
धर्मशाला , 18 Jan 2013
Last updated on: Jan 18, 2013, 00:00 IST
विश्वप्रसिद्ध पौंग झील में अब मछली का अवैध शिकार करने वालों पर विभाग की हर वक्त तेज निगाह रहेगी, जिसके लिए विभाग ने इस झील में करीब 46 लाख रुपए की एक आधुनिक मोटरबोट तैनात कर दी है। लगभग 24 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैली पौंग झील, जिसकी लंबाई करीब 42 किलोमीटर व चौड़ाई 19 किलोमीटर है, में मछली का अवैध शिकार रोकना विभाग के लिए टेढ़ी खीर बना हुआ था, परंतु अब विभाग ने इस झील में आधुनिक मोटरबोट तैनात करके इस झील में मछली के संरक्षण के लिए पुख्ता इंतजाम कर दिए हैं। विभागीय जानकारी के मुताबिक पौंग झील में मतस्य संरक्षण के लिए करीब 46 लाख मूल्य की एक आधुनिक मोटरबोट खरीदी है, जो आधुनिक सुविधाओं से संपन्न है और यह मोटरबोट दिन के उजाले के साथ-साथ रात को व धुंध में भी झील की गश्त करने में सक्षम है। लगभग 15 लोगों के बैठने की क्षमता वाली व शक्तिशाली इंजन वाली इस मोटरबोट में शक्तिशाली लाइट्स लगी हैं, जिससे रात के अंधेरे में साथ ही धुंध में भी यह बोट अपना काम बखूबी कर सकती है। इससे इस झील में मछली का अवैध शिकार करने वालों पर नकेल कसी जाएगी। इस झील में वर्ष 2008-09 में 412, वर्ष 2009-10 में 416, वर्ष 2010-11 में 422 व वर्ष 2011-12 में 409 मछली के अवैध शिकार के मामले पकड़े गए हैं, जिससे झील में मछली के उत्पादन पर प्रभाव पड़ता है। इस झील में मछली का उत्पादन बढ़ाने व अवैध शिकार रोकने के लिए विभाग ने पहले ही कुछ मोटरबोटें तैनात की थीं, परंतु अब इस आधुनिक मोटरबोट की तैनाती से पौंग झील में मछली के अवैध शिकार पर अंकुश लगेगा, जिससे मछली उत्पादन बढ़ेगा, साथ ही मत्सय संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। गौरतलब है कि पौंग झील में लगभग 15 मत्सय सहकारी सभाएं हैं और लगभग 1100 परिवार मछली पकड़ने के व्यवसाय में लगे हैं। इस झील में वर्ष 2011-12 में करीब 286 मिट्रिक टन मछली का उत्पादन हुआ था। इस झील में महाशीर, सिंघाड़ा, राहु, कतला, मृगल व कुलवंस समेत करीब 12 प्रजातियों की मछलियां पाई जाती हैं और इस झील की मछलियों की प्रदेश के अलावा पड़ोसी राज्यों में भी काफी मांग है। इस संबंध में मत्सय विभाग के निदेशक सरदार गुरचरण सिंह ने बताया कि पौंग झील में मछली का अवैध शिकार रोकने व मत्सय सरक्षण के लिए नई मोटरबोट का जल्द ही उद्घाटन करवाकर इसे प्रयोग में लाया जाएगा।