प्रदेश राज्य वन निगम के पांच डिवीजन को बंद करने की तैयारी
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5 दरिया न्यूज (विजयेन्दर शर्मा)
धर्मशाला , 09 Jan 2013
Last updated on: Jan 09, 2013, 00:00 IST
प्रदेश राज्य वन निगम के पांच डिवीजन को बंद करने की तैयारी है। 10 जनवरी को धर्मशाला में होने वाली निदेशक मंडल (बीओडी)की बैठक में इस प्रस्ताव को रखा जाएगा। जिन डिवीजनों को बंद करने की तैयारी है उनमें नुरपूर, स्वारघाट, फतेहपुर, स्वरस्वती नगर व सुंदरनगर शामिल हंै। डिवीजनों को बंद करने के बाद बिरोजा निकालने का कार्य वन निगम के बजाय विभाग को दिया जाएगा। इसके पीछे घाटे का कारण बताया जा रहा है। वहीं, दूसरी तरफ यह भी तर्क दिया जा रहा है कि ठेकेदार बिरोजा निकालने के लिए बड़ी बेरहमी से पेड़ों को नुचवाते थे, जिसके कारण जंगल में लगने वाली आग का निशाना वेपेड़ बड़ी जल्दी बनते हंै। बैठक में कर्मचारियों के पदोन्नत करने के मामलों पर भी चर्चा की जाएगी। हिमाचल प्रदेश वन निगम कर्मचारी संघ ने डिवीजनों को बंद करने के फैसले का पुरजोर विरोध किया है। संघ के अध्यक्ष गोविंद चतरांटा व महासचिव प्रकाश शर्मा ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर नौ जनवरी को धर्मशाला में संघ की बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें कर्मचारियों की मांगों को लेकर चर्चा की जाएगी। संघ अपनी मांग को लेकर वन मंत्री व मुख्यमंत्री से भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि वर्षों से वन निगम ही बिरोजा निकालने का कार्य करता आ रहा है। वन विभाग का कार्य पौधारोपण, वनों का रख-रखाव इत्यादि रहता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1974-75 से वन निगम ही इस कार्य को करता रहा है। संघ ने आरोप लगाया है कि प्रबंधन कर्मचारियों की मांगों को नजर अंदाज कर रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने के बजाय उसे नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निगम का घाटा लगातार बढ़ता जा रहा है। इसे दूर करने के बजाय इस तरह के कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने जिन 32 एडिशनल सीसीएफ अधिकारियों को पदोन्नत किया है उन्हें नियुक्तियां देने के लिए इस तरह के कार्य किए जा रहे हैं। संघ ने प्रबंधन से 137 लोअर रैंक के कर्मचारियों को बदलने पर भी नाराजगी जताई है।