मनोनीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। हवाई सुरक्षा के साथ ही करीब 10,000 सुरक्षाकर्मी सोमवार को राष्ट्रपति भवन सहित उन तमाम मेहमानों की सुरक्षा में तैनात रहेंगे जो शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने आ रहे हैं। सोमवार को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में देश-विदेश से करीब 3000 मेहमानों के आने की संभावना है। इस समारोह में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी देश के नए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। राष्ट्रपति भवन के खुले प्रांगण में होने वाले इस समारोह के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त एमके मीना ने बताया कि सुरक्षा के लिए पुलिस के बेहतरीन निशानेबाज, संसदीय कमांडो, विशेष सुरक्षा बल, एनएसजी के जवानों को इसमें शामिल किया गया है। करीब 10,000 सुरक्षाकर्मी राष्ट्रपति भवन के दो किलोमीटर के दायरे में तैनात रहेंगे।
मीना ने बताया कि पुलिस के निशानेबाजों और अर्धसैनिक बलों को राष्ट्रपति भवन के आसपास तैनात किया गया है। इसके अलावा राष्ट्रपति भवन के आसपास पांच या उससे अधिक लोगों के एक साथ जमा होने पर भी रोक रहेगी।
यह आदेश मंगलवार तक प्रभावी रहेगा।दिल्ली पुलिस के जिम्मे वह तमाम होटल रहेंगे जहां श्रीलंका, पाकिस्तान समेत विदेशों से आने वाले उच्चाधिकारी ठहरने वाले हैं।दिल्ली के ज्यादातर पंचसितारा होटल जैसे कि ताज मानसिंह, आईटीसी मौर्या, ताज पैलेस आदि के आसपास भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। इन होटलों में विदेशी राष्ट्राध्यक्ष ठहरेंगे।भारतीय वायुसेना के जवान आसमान में चौकसी रखेंगे।इसके अलावा इलाके के आसपास की सभी ऊंची इमारतों पर निशानेबाजों को तैनात किया जाएगा। साथ ही रायसीना हिल्स की ओर जाने वाले सभी मार्गो को भी बंद किया जाएगा। बम निरोधी दस्ता भी मौके पर मौजूद होगा।राष्ट्रपति भवन के आसपास के कार्यालय, ऑफिस सोमवार को दिन के एक बजे ही बंद कर देने का आदेश दिया गया है। शपथ ग्रहण शाम छह बजे होना है।कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष भी इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले हैं जिसमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे, अफगानी राष्ट्रपति हामिद करजई, भूटान के प्रधानमंत्री त्शेरिंग तोब्गे, नेपाल के प्रधानमंत्री सुशील कोइराला और मालदीव के राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन अब्दुल गयूम शामिल हैं।अफगानिस्तान में भारतीय दूतावास पर हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियां पहले ही हाई अलर्ट पर हैं।