हिमाचल के विभिन्न विभागों के 30 अफसरों के खिलाफ विजिलेंस को अभियोजन की मंजूरी मिल गई है। जालसाजी, धोखाधड़ी के मामलों में फंसे इन अफसरों की फाइलें विजिलेंस में पहुंची हैं। अब विजिलेंस इन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर करेगी। प्रदेश हाई कोर्ट की सख्ती के बाद राज्य सरकार के अलग-अलग महकमों ने अपने-अपने विभाग के आरोपी अफसरों के खिलाफ विजिलेंस को प्रोसिक्यूशन भेजी है। इसमें 1996-97 में सोलन के हैल्थ विभाग का घोटाला भी शामिल है, जिसमें आरोपियों ने ईसीआई डिस्पेंसरियों के लिए 71 लाख की दवाइयां खरीदी थीं। जांच में यह पाया गया था कि जिस फार्मा कंपनी से दवाइयां खरीदी गई थीं, उसे साढ़े चार लाख का फायदा पहुंचाया गया था। हैल्थ विभाग के इस घोटाले में तीन तत्त्कालीन सीएमओ, एक जूनियर व एक सीनियर सहायक के खिलाफ विजिलेंस को प्रोसिक्यूशन मिली है। इसी तरह राजस्व विभाग के पांच पटवारी, पीडब्ल्यूडी के पांच जेई, सिरमौर जिला के दो प्रधान सहित दाल घोटाले में सिविल सप्लाई के जनरल मैनेजर के खिलाफ भी अभियोजन की मंजूरी मिली है। इन पर टेंडर से छेड़छाड़ करने का आरोप है। इसकी पुष्टि विजिलेंस के आईजी ने की है।