राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के सदस्य गोपाल कृष्ण सहोत्रा ने आज लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह में बैठक कर कहा कि सफाई कर्मचारियों के बच्चों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के हर सम्भव समाधान किया जाए ताकि तकनीकी शिक्षा पाकर इनका जीवन स्तर उपर उठ सकें। बैठक में उपायुक्त अजीत बालाजी जोशी, नगर निगम कमिश्नर गौरी पाराशर जोशी, एसडीएम अश्वनी मलिक, समालखा एसडीएम सतबीर सिंह, नगराधीश हवासिंह, डीएसपी जितेन्द्र सिंह सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे। गोपाल कृष्ण सहोत्रा ने कहा कि आयोग सफाई कर्मचारियों के प्रति बहुत संवेदनशील है। इसलिए जिला प्रशासन को भी इनको दी जाने वाली सुविधाओं बारे गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को सफाई कर्मचारियों को दी जाने वाली सुविधाओं जैसे समय पर वेतन, पैंशन संबन्धि आदि मामलों को निपटाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों एवं उनके आश्रितों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक जीवन को सुधारने और इनके पुनर्वास के लिए स्वरोजगार योजना को लागू किया जाना सुनिश्चित किया जाए। सहोत्रा ने सफाई कर्मचारियों के लिए चलाई गई विभिन्न योजनाओं पर विस्तृत रूप से चर्चा की।
उपायुक्त अजीत बाला जोशी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कहा कि जहां-जहां स्लम एरिया है, वहां-वहां के सभी स्कूलों में तकनीकी शिक्षा बारे सभी संभावनाएं तलाश कर इसकी रिपोर्ट दी जाए। उन्होंने बताया कि जिला में सफाई कर्मचारियों को समय पर वेतन दिया जाता है, जो बैंक के माध्यम से खाते में आता है। इसके साथ-साथ उन्होंने अच्छी प्रकार के सफाई उपकरण खरीदने के निर्देश दिए। जोशी ने कहा कि जिन भी सफाई कर्मचारियों को मैडिकल सुविधा नहीं मिलती, उन्हें राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत कवर किया जाएगा। नगर निगम कमिश्रर गौरी पाराशर जोशी ने कहा कि बरसात के मौसम में महिला सफाई कर्मचारियों को रेन कोट की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए सभी निजी संस्थानों को भी हिदायत जारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि नगर निगम में सफाई कर्मचारियों से जुड़ी जो भी समस्याए आती हैं, उनका तुरन्त निदान करवाने का प्रयत्न किया जाता है। नगराधीश हवासिंह ने कहा कि जो भी दिशा-निर्देश इस बैठक में दिए गए हैं, उसकी रिपोर्ट एक सप्ताह में जिला प्रशासन को उपलब्ध करवाएं ताकि बैठक में लिए गए फैसलों को अमलीजामा पहनाया जा सके।