शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल ने आज कहा है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान गुरु साहिबान और संत जरनैल सिंह भिंडरावाला के खिलाफ अपने बेअदबी की कार्रवाईयों से ध्यान भटकाने के लिए उन्हें बहबलकलां में 11 साल पुराने फायरिंग मामले में पूछताछ के लिए बुलाया, जिसकी जांच इतने सालों बाद भी चल रही है।
अकाली दल अध्यक्ष ने दो घंटे की पूछताछ के दौरान एसआईटी द्वारा पूछे गए सभी सवालों के जवाब दिए और कहा,‘‘ एसआईटी बार-बार एक ही सवाल पूछ रही है। यह चैथी बार है जब मुझे बुलाया गया है। सभी सवाल और मेरे जवाब पहले ही कैमरे में रिकाॅर्ड किए जा चुके हैं और पिछली एसआईटी रजिस्टरों में दर्ज की जा चुकी है।
उन्होने बताया कि आज पूछे गए सवाल साफ तौर से राजनीतिक रूप से प्रेरित थे और ऐसा लगता है कि दिल्ली आम आदमी पार्टी टीम ने एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना से राजनीतिक लाभ उठाने के लिए तैयार किए हैं। हर बार मैंने समन का जवाब दिया है क्योंकि मैं चाहता हूं कि दोषियों को सजा दी जाए। लेकिन आम आदमी पार्टी सरकार की यह मंशा नही , उसने सिट का गठन आरोपियों को सजा दिलाने के लिए नही बल्कि इस मामले पर राजनीति करने के लिए किया है।’
’शिरोमणी अकाली दल के हजारों समर्थक सरदार सुखबीर सिंह बादल के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए पंजाब पुलिस अधिकारी संस्थान (पीपीओआई) के पास इकटठा हुए। वे ‘तख्त बदल दो ताज बदल दो, बेईमानी का राज बदल दो’, के नारों के बीच अकाली कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट कर दिया कि वे इस बदलाखोरी की कार्रवाई का डटकर मुकाबला करेंगें। सरदार बादल ने कार्यकर्ताओं से बातचीत करते हुए भारी बारिश के बावजूद हजारों की संख्या में बाहर आकर आम आदमी पार्टी सरकार को चेतावनी देने के लिए उनका आभार व्यक्त किया कि वे झूठ की राजनीति बर्दाश्त नही करेंगें।’’
सरदार बादल को भेजे गए समन को नौटंकी करार देते हुए सरदार बादल ने कहा,‘‘ सच्चाई यह है कि यह ध्यान भटकाने की चाल है, क्योंकि मुख्यमंत्री अकाली दल से डरते हैं । यही कारण है कि मुझे मुख्यमंत्री द्वारा की गई बेअदबी के आचरण से ध्यान हटाया जा सके, जिसमें गुरु साहिबान के चित्रों पर शराब छिड़कना और संत जरनैल सिंह भिंडरावाला की तस्वीर पर पेशाब करने की कोशिश करना शामिल है।
इस तरह के कृत्य मुख्यमंत्री के खिलाफ लोगों के गुस्से और आक्रोश को कम नही कर सकते। अकाली दल उनके कुकर्मों को बेनकाब करना जारी रखेगा और इस तरह की चालों से हम डरने वाले नही हैं। हम भगवंत मान को उनके सभी पापों के लिए जिम्मेदार ठहराएंगें। उन्हें इसी जगह पर उन्हीं पुलिस अधिकारियों के सामने पेश किया जाएगा और उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा।’’
सरदार बादल ने यह स्पष्ट करते हुए कहा कि पंजाबी आम आदमी पार्टी से तंग आ चुके हैं। उन्होने कहा,‘‘ इस पार्टी ने राज्य और इसके संसाधनों को लूटने के सिवाय कुछ नही किया है। पंजाबी उन्हे करारा सबक सिखाने के लिए आगामी विधानसभा चुनावों का इंतजार कर रहे हैं।’’ उन्होने राज्य में बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए कुछ भी न करने के लिए मुख्यमंत्री की कड़ी निंदा की।
उन्होने कहा कि पिछले दस सालों में राज्य में बेअदबी के 597 मामले हुए हैं। उन्होने कहा,‘‘ मुख्यमंत्री ने उनकी ठीक से जांच कराने की जहमत तक नही उठाई, जिसके चलते बड़े पैमाने पर लोग बरी हो गए और मामले रदद कर दिए गए। भगवंत मान ने खुद सुल्तानपुर लोधी में गुरु घर के अंदर पुलिस बल भेजकर अखंड पाठ में बाधा उत्पन्न करने जैसी घोर बेअदबी की थी।’’
अकाली दल अध्यक्ष ने कहा कि भगवंत मान यहीं नही रूके, बल्कि अब वे सिखों की पवित्र संस्था श्री अकाल तख्त साहिब को चुनौती दे रहे हैं। मैं उन्हें यह साफ तौर से बता देना चाहता हूं कि जिसने भी श्री अकाल तख्त साहिब को चुनौती देने की कोशिश की उसने धूल ही चाटी है। उसका अंजाम भी वैसा ही होगा। अकाली दल अध्यक्ष के साथ वरिष्ठ अकाली नेताओं में बलविंदर सिंह भूंदड़, बिक्रम सिंह मजीठिया, जनमेजा सिंह सेखों, महेशइंदर सिंह ग्रेवाल, सिकंदर सिंह मलूका, डाॅ. दलजीत सिंह चीमा, हीरा सिंह गाबड़िया, परमजीत सिंह सरना, एन. के शर्मा और अर्शदीप सिंह कलेर भी मौजूद थे।