मुख्य निर्वाचन अधिकारी, यू.टी. चंडीगढ़, सुश्री प्रेरणा पुरी, आईएएस, ने आज आयोजित प्रेस वार्ता में जानकारी दी कि विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) 2026 का गणना चरण सफलतापूर्वक पूर्ण हो गया है। यह प्रक्रिया केंद्र शासित प्रदेश में एक सटीक, समावेशी एवं पारदर्शी निर्वाचक नामावली तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार गणना चरण 15 जून 2026 से 14 जुलाई 2026 तक संचालित किया गया। इस दौरान व्यापक क्षेत्रीय सत्यापन तथा नागरिकों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से निर्वाचक नामावली का सत्यापन एवं अद्यतन किया गया।
प्रेस वार्ता के दौरान अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी-सह-उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन अधिकारी, यू.टी. चंडीगढ़, श्री निशांत कुमार यादव, आईएएस; संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी, श्री सौरभ अरोड़ा, पीसीएस; निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी, श्री अमनदीप सिंह भट्टी, पीसीएस; तथा मीडिया नोडल अधिकारी-सह-निदेशक जनसंपर्क, श्री राजीव तिवारी भी उपस्थित रहे।
गणना चरण सफलतापूर्वक संपन्न
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि गणना चरण के दौरान कुल 5,16,427 पंजीकृत मतदाताओं को कवर किया गया। बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा सभी पंजीकृत मतदाताओं को 100 प्रतिशत गणना प्रपत्र (Enumeration Forms) वितरित किए गए।
इनमें से 4,50,246 गणना प्रपत्र (87.19 प्रतिशत) प्राप्त कर डिजिटाइज किए गए, जबकि 66,146 प्रपत्र (12.81 प्रतिशत) बीएलओ द्वारा बार-बार संपर्क करने के बावजूद प्राप्त नहीं हो सके। पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान 1,780 से अधिक बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और हितधारकों की सहभागिता और मजबूत हुई।
उन्होंने आगे बताया कि मतदाताओं की सुविधा तथा प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से किए गए मतदान केंद्र युक्तिकरण (Polling Station Rationalization) के अंतर्गत चंडीगढ़ में मतदान केंद्रों की संख्या 614 से घटाकर 575 कर दी गई है।
पूर्व एसआईआर निर्वाचक नामावली से मैपिंग
सुश्री पुरी ने बताया कि एसआईआर-2026 का एक प्रमुख उद्देश्य वर्तमान मतदाताओं को वर्ष 2002 की विशेष गहन पुनरीक्षण निर्वाचक नामावली से जोड़ना था।
प्राप्त 4,50,246 गणना प्रपत्रों में से :
* 1,67,397 मतदाताओं ने स्वयं (Self Mapping) के माध्यम से मैपिंग की।
* 2,13,398 मतदाताओं ने अपने माता-पिता के माध्यम से (Progeny Mapping) मैपिंग की।
* 69,451 मतदाताओं ने बिना किसी मैपिंग विवरण के गणना प्रपत्र जमा किए।
इस प्रकार कुल 3,80,795 मतदाताओं को स्वयं अथवा वंशानुक्रम (Progeny) मैपिंग के माध्यम से वर्ष 2002 की विशेष गहन पुनरीक्षण निर्वाचक नामावली से सफलतापूर्वक जोड़ा गया।
अप्राप्त गणना प्रपत्रों की स्थिति
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 66,146 अप्राप्त गणना प्रपत्रों के संबंध में बीएलओ द्वारा किए गए क्षेत्रीय सत्यापन में निम्नलिखित स्थिति सामने आई—
* स्थायी रूप से स्थानांतरित – 43,724
* अनुपस्थित – 12,568
* अन्य कारण – 3,729
* मृत – 3,535
* डुप्लीकेट प्रविष्टियां – 2,590
उन्होंने स्पष्ट किया कि गणना चरण के दौरान किए गए क्षेत्रीय सत्यापन के आधार पर ऐसे मतदाताओं के नाम 21 जुलाई 2026 को प्रकाशित होने वाली प्रारूप निर्वाचक नामावली में शामिल नहीं किए जाएंगे।
व्यापक स्वीप अभियान
मतदाता जागरूकता गतिविधियों की जानकारी देते हुए सुश्री पुरी ने बताया कि निर्वाचन विभाग द्वारा केंद्र शासित प्रदेश में व्यापक सिस्टेमैटिक वोटर्स एजुकेशन एंड इलेक्ट्रोरल पार्टिसिपेशन (SVEEP) अभियान चलाया गया ताकि अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित की जा सके।
इस अभियान के अंतर्गत अंग्रेजी, हिंदी एवं पंजाबी भाषाओं में समाचार पत्रों में विज्ञापन, रेडियो जिंगल, एसएमएस अलर्ट, सोशल मीडिया अभियान, मतदाता जागरूकता वैन, नुक्कड़ नाटक, जन-जागरूकता कार्यक्रम तथा नौ समर्पित हेल्प डेस्क के माध्यम से जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं।
उन्होंने बताया कि सभी मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर लगाए गए तथा वरिष्ठ नागरिकों, चिकित्सकों और दिव्यांगजन के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। एक हजार से अधिक एनएसएस स्वयंसेवकों, इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ELCs) तथा वोटर अवेयरनेस फोरम (VAFs) ने अभियान में सक्रिय सहयोग दिया। नागरिकों को मतदाता हेल्पलाइन 1950 के माध्यम से भी सहायता उपलब्ध कराई गई।
21 जुलाई 2026 से नोटिस चरण प्रारंभ
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रारूप निर्वाचक नामावली 21 जुलाई 2026 को प्रकाशित की जाएगी। यह मुख्य निर्वाचन अधिकारी, चंडीगढ़ की वेबसाइट तथा ईसीआईनेट (ECINET) प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी।
नोटिस चरण (21 जुलाई से 18 सितंबर 2026) के दौरान बिना मैपिंग विवरण के गणना प्रपत्र जमा करने वाले लगभग 69,451 मतदाताओं तथा जिन मामलों में किसी प्रकार की विसंगति पाई जाएगी, उन्हें आगे सत्यापन के लिए नोटिस जारी किए जाएंगे।
सत्यापन की कार्यवाही नामित सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (AEROs) द्वारा की जाएगी। निर्वाचन आयोग की विधिसम्मत प्रक्रिया के प्रति प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी मतदाता का नाम बिना विधिक प्रक्रिया का पालन किए, सुनवाई का अवसर दिए तथा कारणयुक्त आदेश (Speaking Order) पारित किए बिना निर्वाचक नामावली से नहीं हटाया जाएगा।
सुनवाई के दौरान आवश्यक दस्तावेज
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं को उनकी जन्मतिथि के अनुसार निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित सहायक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
* 1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे मतदाता – केवल स्वयं से संबंधित दस्तावेज।
* 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे मतदाता – स्वयं तथा पिता या माता में से किसी एक के दस्तावेज।
* 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे मतदाता – स्वयं, पिता एवं माता तीनों के दस्तावेज।
संकेतात्मक दस्तावेजों की सूची में जन्म प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, मैट्रिक/शैक्षणिक प्रमाणपत्र, स्थायी निवास प्रमाणपत्र, सरकारी पहचान पत्र, पेंशन भुगतान आदेश, परिवार रजिस्टर, भूमि/मकान आवंटन प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, वन अधिकार प्रमाणपत्र, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहां लागू हो) तथा निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित अन्य दस्तावेज शामिल हैं। जहां आवश्यक हो, मतदाता, पिता एवं माता से संबंधित स्वप्रमाणित प्रतियां अलग-अलग प्रस्तुत करनी होंगी।
दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जिन नागरिकों के नाम प्रारूप निर्वाचक नामावली में शामिल नहीं होंगे, वे 21 जुलाई से 20 अगस्त 2026 तक दावे एवं आपत्तियों की अवधि के दौरान प्रपत्र-6 (Form-6) भरकर अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
ऐसे युवा नागरिक जो 1 जुलाई 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हैं, वे भी प्रारूप निर्वाचक नामावली के प्रकाशन के बाद प्रपत्र-6 के माध्यम से नामांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन ईसीआईनेट मोबाइल ऐप अथवा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन तथा संबंधित बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) के माध्यम से ऑफलाइन भी जमा किए जा सकते हैं।
निर्वाचक नामावली में प्रविष्टियों के संशोधन अथवा पते में परिवर्तन के लिए मतदाता निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रपत्र-8 (Form-8) प्रस्तुत कर सकते हैं।
किसी भी प्रकार की सहायता के लिए नागरिक कार्य दिवसों में मतदाता हेल्पलाइन 1950 पर संपर्क कर सकते हैं अथवा ईसीआईनेट मोबाइल एप पर उपलब्ध “Book a Call Request with BLO” सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी पात्र नागरिकों से अपील की कि वे 21 जुलाई 2026 को प्रारूप निर्वाचक नामावली प्रकाशित होने के बाद उसमें अपना नाम अवश्य जांचें तथा आवश्यकता होने पर निर्धारित अवधि के भीतर उचित दावा या आपत्ति प्रस्तुत करें, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम निर्वाचक नामावली में सुनिश्चित किया जा सके।