Friday, 10 July 2026

 

 

खास खबरें सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने ‘वॉटर लॉज ऑफ हिमाचल’ संकलन का विमोचन किया अनुभवहीनता और गलत नीतियों के कारण सुक्खू सरकार ने हिमाचल को दो दशक पीछे धकेला : जयराम ठाकुर बागवानी को प्रोत्साहित करने के लिए जल्द शुरू होगा 1,300 करोड़ रुपये का जाइका प्रोजेक्ट: मोहिंदर भगत पंजाब में सीरियल बम धमाकों को लेकर अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने मांगा भगवंत मान का इस्तीफा एचएएस एवं संबद्ध सेवाओं के प्रशिक्षु अधिकारियों ने कविन्द्र गुप्ता से भेंट की भारत के स्मार्ट प्रोटीन पारिस्थितिकी तंत्र को गति देने हेतु ब्रिक-नाबी बायो-फाउंड्री (एग्री-फूड बायो-मग) ने बायोमैन्युफैक्चरिंग वर्कशॉप 5.0 का किया आयोजन जय कृष्ण सिंह रौड़ी ने लोक मिलनी के दौरान गांव सोली के लोगों को दिया बड़ा तोहफा भूपेंद्र यादव ने एनबीडब्ल्यूएल की 91वीं बैठक की अध्यक्षता की मानव तस्करी की रोकथाम के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ करें कार्य : मुकेश रेपसवाल भाजपा सरकार होती तो किशाऊ बांध पर पुराने समझौते को स्वीकार कर प्रदेश को आर्थिक बोझ उठाना पड़ता : सुखविन्द्र सिंह सुक्खू पीएम मोदी ने मेलबर्न और ऑस्ट्रेलिया को कहा 'शुक्रिया', एंथनी अल्बनीज बोले- 'हमने मिलकर मजबूत रिश्ते का जश्न मनाया' एक करोड़ नए राशन कार्ड जल्द बनाने का लक्ष्य पूरा करें, पीडीएस को और मजबूत करें : सीएम सम्राट चौधरी एस.आई.आर.-2026 : गणना फार्मों का 100 प्रतिशत डिजिटलीकरण करने वाले गढ़शंकर के दो बीएलओ को राज्य निर्वाचन कार्यालय से मिला प्रशंसा पत्र जिन्हें कब्रिस्तान प्यारा, वे ही कर रहे राम मंदिर का विरोध : सीएम योगी आदित्यनाथ मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में जुटे हजारों लोग : नरेंद्र मोदी ने कहा, 'ये शो हाउसफुल और ब्लॉकबस्टर है' केवल सिंह ढिल्लों निक्के घुम्मण में संत बाबा अमरीक सिंह जी की अंतिम अरदास समारोह में हुए शामिल गुरमीत सिंह खुड्डियां और सतीश शर्मा ने पशुधन एवं डेयरी क्षेत्र के विकास के लिए अंतरराज्यीय सहयोग पर की चर्चा मजारी गाँव के बाबा बालक नाथ मंदिर में श्री राम दरबार सुशोभित पंजाब में 892 आधुनिक आंगनवाड़ी केंद्र तैयार, 132 जल्द ही पूरे हो जाएंगे कर विभाग ने 55.35 करोड़ रुपये के फर्जी बिलिंग घोटाले के मास्टरमाइंड को किया गिरफ्तार: हरपाल सिंह चीमा प्रिंस नरूला और युविका चौधरी ने तलाक की अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी

 

पर्दे पर अमर कहानियां, जिंदगी में गहरा दर्द... ऐसी थी गुरु दत्त की दास्तान

Bollywood, Guru Dutt, Mumbai
Listen to this article

5 Dariya News

5 Dariya News

5 Dariya News

मुंबई , 08 Jul 2026

Last updated on: Jul 09, 2026, 14:53 IST

9 जुलाई... यह सिर्फ कैलेंडर की एक तारीख नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा के उस महान कलाकार को याद करने का दिन है, जिसने पर्दे पर ऐसी कहानियां रचीं, जो आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। गुरु दत्त का नाम हिंदी सिनेमा के उन चुनिंदा फिल्मकारों में लिया जाता है, जिन्होंने फिल्मों को सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं माना, बल्कि उन्हें समाज, भावनाओं और इंसानी रिश्तों का आईना बनाया।

गुरु दत्त का जन्म 9 जुलाई 1925 को हुआ था। बचपन से ही कला और रचनात्मकता की ओर उनका गहरा झुकाव था। आगे चलकर उन्होंने अभिनय, निर्देशन और निर्माण के क्षेत्र में ऐसा मुकाम हासिल किया, जहां पहुंचना हर कलाकार का सपना होता है। उनकी फिल्मों में एक अलग तरह की संवेदनशीलता दिखाई देती थी। वह इंसान के दर्द, अकेलेपन, संघर्ष और समाज की सच्चाइयों को बेहद खूबसूरती से पर्दे पर उतारते थे।

गुरु दत्त ने अपने करियर में ऐसी फिल्में दीं, जो आज भी भारतीय सिनेमा की धरोहर मानी जाती हैं। 'प्यासा' (1957), 'कागज के फूल' (1959), 'चौदहवीं का चांद' और 'साहब बीवी और गुलाम' जैसी फिल्मों ने उन्हें सिनेमा के इतिहास में अमर बना दिया। उनकी फिल्मों में सिर्फ कहानियां नहीं होती थीं, बल्कि उनमें जिंदगी की गहरी सच्चाइयां छिपी होती थीं।

उनकी फिल्मों के किरदार अक्सर समाज से लड़ते, अकेलेपन से जूझते और अपनी पहचान तलाशते नजर आते थे। गुरु दत्त ने भारतीय सिनेमा को एक नई भाषा दी। उनकी फिल्मों में शानदार निर्देशन, बेहतरीन कैमरा वर्क, यादगार संगीत और भावनाओं की गहराई का अद्भुत मेल देखने को मिलता था। उन्होंने पर्दे पर ऐसे विषयों को जगह दी, जिन पर उस दौर में कम बात होती थी।

उनकी सोच अपने समय से काफी आगे थी। हालांकि, सफलता की राह गुरु दत्त के लिए हमेशा आसान नहीं रही। उनकी कुछ फिल्मों को रिलीज के समय वह पहचान और सफलता नहीं मिली, जिसकी उम्मीद की गई थी। खासतौर पर 'कागज के फूल' को शुरुआती दौर में आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, लेकिन समय के साथ यही फिल्म भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वपूर्ण फिल्मों में शामिल हो गई।

गुरु दत्त की जिंदगी में जितनी रचनात्मकता थी, उतने ही संघर्ष भी थे। निजी जीवन की परेशानियां, रिश्तों में आई दूरियां और बढ़ता अकेलापन उन्हें अंदर से प्रभावित करता गया। अपनी भावनाओं और दर्द को वह अक्सर अपनी फिल्मों के जरिए व्यक्त करते थे। धीरे-धीरे निजी परेशानियों के बीच वह शराब की आदत के शिकार हो गए। कहा जाता है कि यह आदत उनके स्वास्थ्य और जीवन पर गहरा असर डालने लगी।

10 अक्टूबर 1964 को गुरु दत्त अपने घर में मृत पाए गए। उनकी मौत शराब और नींद की गोलियों के प्रभाव से हुई मानी गई। महज 39 साल की उम्र में उनका जाना भारतीय फिल्म जगत के लिए एक बड़ा सदमा था। गुरु दत्त के निधन का सबसे ज्यादा असर उनकी पत्नी और मशहूर गायिका गीता दत्त पर पड़ा। पति की मौत के बाद वह गहरे सदमे में चली गईं।

निजी जिंदगी की परेशानियों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बीच वर्ष 1972 में लीवर सिरोसिस के कारण उनका निधन हो गया। हालांकि गुरु दत्त की कला कभी खत्म नहीं हुई। उनके जाने के बाद उनकी फिल्मों को वह सम्मान मिला, जिसकी वे हकदार थीं। जिन फिल्मों को उनके जीवनकाल में सीमित सराहना मिली थी लेकिन बाद में क्लासिक फिल्मों के रूप में पहचानी गईं।

 

Tags: Bollywood , Guru Dutt , Mumbai

 

 

related news

 

 

 

Photo Gallery

 

 

Video Gallery

 

 

5 Dariya News RNI Code: PUNMUL/2011/49000
© 2011-2026 | 5 Dariya News | All Rights Reserved
Powered by: CDS PVT LTD