शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने आज इस जिले के मलोट हलके के गंधार गांव प्रभावित किसानों को गेंहू वितरित करके उन किसानों और खेतीहर मजदूरों को राहत प्रदान करने की पार्टी की पहल का शुभारंभ किया, जिनकी खड़ी गेंहू की फसल भारी बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद हो गई है।
इस बात पर जोर देते हुए अकाली दल अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि पार्टी हमेशा से अन्नदाता के साथ खड़ी रही है, और जब आम आदमी पार्टी ने किसानों को कोई मुआवजा देने से इंकार कर उनके प्रति अपने कर्तव्य से किनारा कर दिया, तब अकाली दल ने उनकी जरूरत के समय उनकी सहायता के लिए कदम बढ़ाया है।’’सरदार बादल ने जोर देकर कहा ,‘‘ हमारे लिए यह एक ‘सेवा ’ है और हम हर प्रभावित परिवार तक पहुंचने का प्रयास करेंगें।’’
अकाली दल अध्यक्ष ने इस अवसर पर 300 परिवारों को एक-एक क्विंटल गेंहू बांटा। उन्होने संगरूर, नाभा और ज़ीरा विधानसभा हलकों के समर्पित पार्टी लीडरशीप का आभार व्यक्त किया, जिन्होने इस गांव में वितरित करने के लिए 300 क्विंटल गेंहू इकटठा करने के लिए खूब मेहनत की। उन्होने घोषणा की कि पार्टी कार्यकर्ताओं ने दो महीने पहले इस संबंध में लिए गए फैसले के अनुसार गेंहू का भंडार इकटठा किया था और यह अगले कुछ ही दिनों के भीतर प्रभावित गांवों तक पहुंच जाएगा।
सरदार बादल ने केवल झूठे वादे करने वाली और झूठी ब्रांडिंग में विश्वास रखने वाली आम आदमी पार्टी और जनता से किए गए वादों को हमेशा पूरा करने वाली शिरोमणी अकाली दल के बीच अंतर पहचाननने का आग्रह करते हुए कहा,‘‘ बार-बार फसल बर्बाद होने के कारण किसानों को मुआवजा देने में नाकाम रहने के लिए आप पार्टी को जवाबदेह ठहराने का समय आ गया है।’’
सरदार बादल ने कुछ खेतों का दौरा किया जहां किसान आम आदमी पार्टी के आठ घंटे नियमित बिजली आपूर्ति के वादे पर भरोसा करने वाले किसानों की दयनीय स्थिति को देखा। उन्होने कहा कि धान की फसल सूख रही है, क्योंकि किसानों को दो घंटे की नियमित बिजली की सप्लाई भी नही मिल रही। उन्होने जोर देकर कहा,‘‘ किसान इसीलिए परेशान हैं, क्योंकि सरकार ने पिछले 4 सालों में कोई नई बिजली उप्तादन सुविधा नही जोड़ी है।’’ उन्होने लोगों को याद दिलाया कि कैसे पूर्ववर्ती अकाली दल सरपकार ने पंजाब को बिजली सरप्लस राज्य बना दिया था।
सरदार बादल ने बताया कि कैसे आम आदमी पार्टी की सरकार ने महिलाओं के साथ धोखा किया है। उन्होने कहा कि एक करोड़ की कुल महिला आबादी में से सिर्फ 10 फीसदी महिलाओं (9 से 10 लाख) को तीन महीने के लिए प्रति माह 1000 रूपये दिए गए, जबकि उनसे प्रति माह 2000 रूपये का सामाजिक भलाई लाभ छीन लिया गया। उन्होने बताया कि कैसे महिलाओं को शगुन योजना के तहत कोई पैसा नही दिया जा रहा और बुढ़ापा पेंशन योजना और मनरेगा योजना में भी भारी कटौती की गई है।
सरदार बादल ने इस अवसर पर यह भी घोषणा की कि राज्य में अकाली दल की सरकार बनने पर आटा-दाल योजना के तहत 30 किलोग्राम आटा 4 रूपये प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होने कहा कि कमजोर वर्ग की लड़कियों की शादी पर शगुन भत्ते को बढ़ाकर 1 लाख रूपये कर दिया जाएगा और बुढ़ापा पेंशन को बढ़ाकर 3100 रूपये प्रति माह कर दिया जाएगा। उन्होने जिनके पास मकान नही हैं उन्हे पक्के मकान प्रदान किए जाने की भी घोषणा की।अकाली दल अध्यक्ष के साथ वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक हरप्रीत सिंह कोटभाई भी मौजूद थे।