Tuesday, 21 July 2026

 

 

खास खबरें भगवंत मान गुरु साहिबान के खिलाफ की अपनी बेअदबी के कार्रवाईयों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे : सुखबीर सिंह बादल द्रौपदी मुर्मु ने भारत-मोल्दोवा बिज़नेस फोरम को संबोधित किया द्रौपदी मुर्मु का मोल्दोवा संसद का दौरा दिल्ली पुलिस ने छात्रों पर की बर्बरता, संसद मार्च रद्द, भूख हड़ताल जारी रहेगी : अभिजीत दिपके रजिस्ट्रेशन सेवा केंद्र निजीकरण नहीं, लोगों को बेहतर सुविधा देने की पहल : सीएम एन. चंद्रबाबू नायडू सम्राट चौधरी ने सोमनाथ स्पेशल ट्रेन को दिखाई हरी झंडी त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग के दुखद निधन से मैं अत्यंत स्तब्ध और दुखी हूं : माणिक साहा भजनलाल शर्मा ने परियोजनाओं में देरी के खिलाफ अधिकारियों को चेतावनी दी 'शरावती परियोजना' कर्नाटक की बिजली जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण : डीके शिवकुमार सुब्रह्मण्यम जयशंकर और बख्तियार सैदोव की अहम बातचीत अफगानिस्तान में अचानक आई बाढ़ में 20 लोगों की मौत, 100 से ज्‍यादा लापता तरुणप्रीत सिंह सौंध द्वारा गिद्धइविंडी में 66 केवी ग्रिड सब-स्टेशन का उ‌द्घाटन बिजली कर्मचारियों की सुरक्षा पंजाब सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : तरुणप्रीत सिंह सोंध हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल के निर्णय पंजाब ने ओपिओइड की लत से लड़ने के लिए मेथाडोन थेरेपी शुरू की सुनाम में मेगा रोजगार मेले में 562 युवाओं का नौकरियों के लिए चयन ज़ीरकपुर के विकास को मिलेगी नई रफ्तार, लोगों की उम्मीदों पर खरी उतरेगी नई नगर परिषद : विधायक कुलजीत सिंह रंधावा डॉ. जितेंद्र सिंह ने अदालती मामलों में कमी लाने और पेंशनभोगियों के बेहतर कल्याण के लिए पेंशन नियमों में सुधार का आह्वान किया अरविंद केजरीवाल ने जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निंदा की, बातचीत की अपील की स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में मृतक के परिवार ने न्याय की मांग की एलपीयू प्लेसमेंट 2025-26: 2,000 से ज़्यादा छात्रों को ₹10 लाख से ज़्यादा के ऑफ़र मिले

 

पल्लवी देहुरी: राष्ट्रीय स्तर की धावक को मजबूरी में बनना पड़ा बस ड्राइवर

Khas Khabar
Listen to this article

Web Admin

Web Admin

5 Dariya News

क्योंझर , 19 Jun 2026

Last updated on: Jun 20, 2026, 13:14 IST

हर एथलीट का सपना होता है कि वह अपने खेल में कड़ी मेहनत करे और सबसे बड़ी सफलता हासिल करे। कई एथलीट ऐसे भी हैं जिन्हें प्रतिभा के बावजूद पारिवारिक परिस्थितियों और बाध्यताओं की वजह से खेल के क्षेत्र में आगे जाने का मौका नहीं मिलता, और देश का प्रतिनिधित्व करने की जगह वह अपने परिवार का भरण-पोषण करने में लग जाते हैं। पल्लवी देहुरी की कहानी भी ऐसी है। 

पल्लवी देहुरी का सपना दौड़ में वैश्विक स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करना और पदक जीतना था, लेकिन पारिवारिक मजबूरियों की वजह से फिलहाल वह ओडिशा में 'अम्मा बस' में ड्राइवर (चालक) के तौर पर कार्य कर रही हैं। हालांकि, देहुरी ने अभी भी देश के लिए खेलने का सपना अभी भी नहीं छोड़ा है। मीडिया से बातचीत के दौरान पल्लवी देहुरी ने कहा, "मैं असम से संबंध रखती हूं। 

फिलहाल मैं भुवनेश्वर, ओडिशा में रहती हूं। पिता के निधन के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हो गई। परिवार को देखने वाला कोई नहीं था, इसलिए मुझे खेल छोड़कर ड्राइवरी को चुनना पड़ा, ताकि मैं अपने परिवार को मदद कर सकूं।"पल्लवी ने कहा कि भविष्य में अगर मुझे फिर मौका मिलता है, तो मैं फिर से एथलेटिक्स में आना चाहूंगी और देश का प्रतिनिधित्व करना चाहूंगी। फिलहाल, मुझे अभी अभ्यास का समय नहीं मिलता। 

स्नातक तक शिक्षा हासिल करने वाली पल्लवी से पूछा गया कि महिलाएं ड्राइविंग में नहीं आती हैं, आप ड्राइवर बन गई हैं, लड़कियों को क्या संदेश देना चाहेंगी? इसके जवाब में पल्लवी ने कहा कि लड़कियों को हिम्मत करते हुए आगे बढ़ना चाहिए और अपने और परिवार के लिए कुछ करना चाहिए। लड़कियों को किसी से अपनी तुलना नहीं करनी चाहिए और खुद को बेहतर समझना चाहिए। पल्लवी देहुरी एक राष्ट्रीय स्तर की धावक रही हैं। वह 100 मीटर और 200 मीटर की दौड़ में हिस्सा लिया करती थीं। वह स्वर्ण और रजत पदक जीत चुकी हैं। 

 

Tags: Khas Khabar

 

 

related news

 

 

 

Photo Gallery

 

 

Video Gallery

 

 

5 Dariya News RNI Code: PUNMUL/2011/49000
© 2011-2026 | 5 Dariya News | All Rights Reserved
Powered by: CDS PVT LTD