हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल गणना पद्धति है। यह सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित होता है। 20 जून 2026 (शनिवार) का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से काफी खास माना जा रहा है। इस दिन ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है, जो दोपहर 3:46 बजे तक रहेगा।
इसके बाद सप्तमी तिथि शुरू हो जाएगी। इस दिन सुबह 5:27 बजे सूर्योदय और शाम 19:17 बजे सूर्यास्त होगा। वहीं, सुबह 10:49 बजे चन्द्रोदय और रात 23:39 बजे चन्द्रास्त होगा। पंचांग के अनुसार इस दिन अश्लेषा नक्षत्र सुबह लगभग 10:07 बजे तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद मघा नक्षत्र प्रारंभ हो जाएगा। वहीं, 20 जून, शनिवार को हर्षण योग नहीं है।
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस दिन वज्र योग (सुबह 07:18 तक) और उसके बाद सिद्धि योग मान्य रहेगा। हर्षण योग की उपस्थिति मुख्य रूप से 18-19 जून 2026 तक ही सीमित थी। अगर आप किसी महत्वपूर्ण कार्य की योजना बना रहे हैं तो अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:09 से 12:57 बजे तक रहेगा, जिसे शुभ माना जाता है। वहीं, राहुकाल सुबह 08:59 से 10:41 बजे तक, गुलिक काल सुबह 07:12 बजे से 08:55 बजे तक और यमघण्टकाल सुबह 06:52 से 08:37 बजे तक रहेगा।
पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए। वहीं, इस दिन सूर्य मिथुन राशि में और चंद्रमा कन्या राशि में विराजमान हैं। साथ ही, 20 जून 2026 (शनिवार) को पूर्व दिशा और उत्तर-पूर्व (ईशान) दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक इन दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। अगर यात्रा करना आवश्यक भी है तो कुछ अचूक ज्योतिषीय उपायों का पालन करना चाहिए।