उच्च शिक्षा को नए आयाम देने तथा विद्यार्थियों को केवल कक्षागत ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक, पेशेवर और सामाजिक रूप से सक्षम बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए गुरु नानक देव विश्वविद्यालय ने भाटिया न्यूरोमनोचिकित्सा अस्पताल एवं नशा मुक्ति केंद्र, अमृतसर के साथ एक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता कुलपति प्रो. डॉ. करमजीत सिंह की उच्च शिक्षा के विकास हेतु दूरदर्शिता और विद्यार्थी केंद्रित शिक्षा नीति का प्रतीक है।
इस अवसर पर अकादमिक मामलों के अधिष्ठाता प्रो. डॉ. हरविंदर सिंह सैणी, कुलसचिव प्रो. के. एस. चाहल, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. सतनाम सिंह देओल, प्रो. वसुधा सांब्याल, निदेशक, गोल्डन जुबली सेंटर फॉर उद्यमिता एवं नवाचार, मनोविज्ञान विभाग की अध्यक्ष डॉ. रूपन ढिल्लों तथा भाटिया न्यूरोमनोचिकित्सा अस्पताल के निदेशक डॉ. जे. पी. एस. भाटिया उपस्थित रहे। वाइस चांसलर प्रो. करमजीत सिंह ने बताया कि इस समझौते के तहत मनोविज्ञान स्नातक पाठ्यक्रम के विद्यार्थी योग्य मनोचिकित्सकों और मनोवैज्ञानिकों की देखरेख में नैदानिक तथा व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
विद्यार्थियों को मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन, परामर्श सहायता, प्रकरण अध्ययन, प्रकरण विश्लेषण, मनोशिक्षा, अभिलेखीकरण तथा मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं का प्रत्यक्ष अनुभव मिलेगा। उन्होंने बताया कि मनोविज्ञान स्नातक पाठ्यक्रम के प्रथम बैच (२०२६–२०३०) के विद्यार्थी सातवें और आठवें सत्र के दौरान अनिवार्य प्रशिक्षणकाल और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
यह प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क होगा और विश्वविद्यालय तथा अस्पताल द्वारा आपसी सहमति से तय समय-सारिणी के अनुसार कराया जाएगा। प्रो. हरविंदर सिंह सैणी ने इस साझेदारी को मनोविज्ञान की पेशेवर शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की साझेदारियां कक्षा में मिलने वाले ज्ञान और वास्तविक जीवन के अनुभव के बीच सेतु का कार्य करती हैं। डॉ. रूपन ढिल्लों ने कहा कि यह समझौता विद्यार्थियों को भविष्य के सक्षम मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के रूप में तैयार करने में सहायक सिद्ध होगा।
डॉ. जे. पी. एस. भाटिया ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यह लंबे समय से प्रतीक्षित सहयोग था, जो प्रो. करमजीत सिंह के नेतृत्व में संभव हो पाया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सहयोग दोनों संस्थानों के लिए लाभकारी होगा और पंजाब में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, प्रशिक्षण तथा सेवाओं को नई मजबूती देगा।
पांच वर्षों तक प्रभावी रहने वाला यह समझौता गुरु नानक देव विश्वविद्यालय की उस प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है, जिसके तहत विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा को नवाचार, पेशेवर दक्षता और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।