मैनचेस्टर यूनाइटेड के विंगर अमाद डियालो के 90वें मिनट में किए गए गोल की मदद से आइवरी कोस्ट ने सोमवार को फिलाडेल्फिया स्टेडियम में फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप ई के रोमांचक मैच में इक्वाडोर को 1-0 से हराया। ऐसा लग रहा था कि मुकाबला गोलरहित ड्रॉ पर समाप्त होगा, लेकिन सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी के तौर पर आए अमाद ने शानदार शॉट लगाते हुए आइवरी कोस्ट को 2014 के बाद विश्व कप में पहली जीत दिलाई।
इस जीत से आइवरी कोस्ट ग्रुप ई में जर्मनी के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। रविवार को कुराकाओ को 7-1 से हराने के बाद जर्मनी पहले स्थान पर है। मैच के पहले हाफ में इक्वाडोर ने कई अच्छे मौके बनाए। जॉन येबोआ का एक दमदार शॉट क्रॉसबार से टकरा गया और गोल नहीं हो सका। इसके कुछ ही समय बाद एलन मिंडा भी गोल करने के करीब पहुंचे, लेकिन उनका शॉट भी बार से टकराकर बाहर चला गया।
इस तरह इक्वाडोर शुरुआती बढ़त हासिल करने का मौका गंवा बैठा। दूसरी ओर, आइवरी कोस्ट ने भी कुछ खतरनाक हमले किए। यान डियोमांडे ने दाएं छोर से शानदार खेल दिखाया और लगातार विपक्षी डिफेंस पर दबाव बनाया। वहीं, बाजूमाना टूरे के एक तेज शॉट को इक्वाडोर के गोलकीपर हर्नान गैलिंडेज ने बेहतरीन बचाव करते हुए गोल में जाने से रोक दिया।
इस मैच में यान डियोमांडे ने एक खास उपलब्धि भी हासिल की। 19 साल और 212 दिन की उम्र में वह आइवरी कोस्ट के लिए वर्ल्ड कप मैच खेलने वाले पहले किशोर खिलाड़ी बने। दूसरे हाफ में भी दोनों टीमों को मौके मिले। इक्वाडोर के अनुभवी खिलाड़ी एनर वालेंसिया का शॉट पोस्ट से टकरा गया। वहीं, आइवरी कोस्ट के एली वाही भी गोल करने के करीब पहुंचे, लेकिन उनका प्रयास क्रॉसबार से टकराकर बाहर निकल गया।
जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, आइवरी कोस्ट ने गेंद पर ज्यादा नियंत्रण बनाना शुरू कर दिया। टीम ने लगातार आक्रमण जारी रखा, जबकि इक्वाडोर रक्षात्मक खेल खेलता हुआ नजर आया। आखिरकार 90वें मिनट में अमाद डियालो ने मौका मिलने पर कोई गलती नहीं की और शानदार गोल कर अपनी टीम को यादगार जीत दिलाई। इस जीत के साथ आइवरी कोस्ट ने ग्रुप ई में महत्वपूर्ण तीन अंक हासिल किए और अगले दौर की उम्मीदों को मजबूत कर लिया है।