योग दिवस अब सिर्फ 15 दिन दूर है। 21 जून को पूरा देश और दुनिया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाएगी। ऐसे में आयुष मंत्रालय गोमुखासन जैसे आसान और प्रभावी आसन की सलाह दे रहा है। यह आसन रोजाना थोड़ा समय निकालकर किया जा सकता है। इससे शरीर लचीला बनता है, मांसपेशियां मजबूत होती हैं और रोजमर्रा की थकान दूर होती है।
गोमुखासन का नाम गाय के मुंह की तरह दिखने वाले घुटनों और पैरों की स्थिति से पड़ा है। यह आसन खासतौर पर कंधे, पीठ, गर्दन और पैरों पर काम करता है। इसमें शरीर को अच्छी तरह स्ट्रेच मिलता है। शुरुआती लोग भी आसानी से सीख सकते हैं। भारत सरकार का आयुष मंत्रालय बताता है कि गोमुखासन का अभ्यास कैसे करें। इसके लिए सबसे पहले आराम से फर्श पर बैठ जाएं।
बाएं पैर को मोड़कर दाएं कूल्हे के पास रखें। दाएं पैर को मोड़कर बाएं पैर के ऊपर रखें ताकि घुटने एक-दूसरे के ऊपर आएं। अब दाएं हाथ को पीछे की तरफ से कमर की ओर ले जाएं और बाएं हाथ को ऊपर से कमर की ओर ले आएं। दोनों हाथों की उंगलियां एक-दूसरे को पकड़ने की कोशिश करें। सीधे बैठकर 30 सेकंड से शुरू करके धीरे-धीरे 1-2 मिनट तक रहें।
इस दौरान सांस सामान्य रखें। फिर पैर और हाथ बदलकर दूसरी तरफ दोहराएं। गोमुखासन शरीर को स्ट्रेच करता है और मजबूत बनाता है। यह लचीलापन बढ़ाता है और शरीर की पोस्चर को सुधारता है। कंधों, गर्दन और पीठ की अकड़न दूर होती है। पैरों में ऐंठन कम होती है और पैर लचीले बनते हैं। यह फ्रोजन शोल्डर, गर्दन के दर्द और सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस जैसी समस्याओं में बहुत कारगर है।
पीठ और बाइसेप्स की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। यही नहीं यह रीढ़ की हड्डी सीधी रहती है। फेफड़ों की अच्छी एक्सरसाइज होती है, जिससे सांस की बीमारियां कम होती हैं। रोजाना 5-10 मिनट इस आसन का अभ्यास करने से शरीर में मजबूती और स्थिरता आती है। सुबह खाली पेट या शाम को हल्का भोजन करने के बाद इसे किया जा सकता है।
गोमुखासन जैसे आसनों से आप अपनी दिनचर्या की शुरुआत कर सकते हैं। यह व्यस्त जीवनशैली में तनाव कम करने और सेहत सुधारने का आसान तरीका है। रोजाना 10-15 मिनट अभ्यास करने से सेहत को कई लाभ मिलते हैं। गोमुखासन न सिर्फ शरीर बल्कि मन को भी शांत करता है। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी इसे कर सकते हैं। अगर कोई गंभीर बीमारी है तो डॉक्टर या योग विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।