रयात बाहरा यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (यूएसएमएस) के प्रबंधन विभाग ने विद्यार्थियों को व्यावसायिक संचालन, अनुपालन प्रणालियों और डिजिटल शासन में जीएसटी की विकसित होती भूमिका के बारे में समझ प्रदान करने के उद्देश्य से “टैक्सेशन से आगे (बियॉन्ड टैक्सेशन): जीएसटी भारत में व्यवसाय और प्रौद्योगिकी को कैसे बदल रहा है” विषय पर एक विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया।
इस अवसर पर चांसलर गुरविंदर सिंह बहरा और वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) संजय कुमार ने अपनी शुभकामनाएं दीं तथा टैक्सेशन, वित्त और व्यावसायिक प्रौद्योगिकी में उद्योग-आधारित ज्ञान के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को डिजिटल टैक्सेशन और शासन में उभरते रुझानों से अपडेट रहने के लिए भी प्रेरित किया।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता पूनम ठाकुर, एचपीआरएस, सहायक आयुक्त, राज्य कर एवं आबकारी-सह-नियंत्रक तथा नोडल अधिकारी, जिला शिमला द्वारा दिया गया। उन्होंने अपने संबोधन में बताया कि किस प्रकार जीएसटी ने कई करों को एकीकृत ढांचे में समाहित कर भारत की अप्रत्यक्ष कर प्रणाली को सरल बनाया है।
उन्होंने पारदर्शिता और कार्यकुशलता को बेहतर बनाने में डिजिटल इनवॉइसिंग, ऑनलाइन टैक्स फाइलिंग प्रणालियों, ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्मों और स्वचालित अनुपालन तंत्रों की भूमिका को रेखांकित किया। इससे पूर्व,, प्रो. (डॉ.) सुनैना खुराना, डीन, यूएसएमएस ने वक्ता का परिचय करवाया और भारत के व्यावसायिक वातावरण को सुदृढ़ बनाने में प्रौद्योगिकी-आधारित कर सुधारों के महत्व पर अपने विचार साझा किए।
इंटरैक्टिव सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए जीएसटी अनुपालन, टैक्सेशन में करियर और डिजिटल वित्तीय प्रणालियों से जुड़े कई प्रश्न पूछे।कार्यक्रम का संचालन श्रीमती रज़िया मैडम ने कुशलतापूर्वक किया, जबकि डॉ. अंशु गौबा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।