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अमेरिका में सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पूर्व सैनिकों से किया संवाद

Military, General Upendra Dwivedi, Indian Army, Chief of the Army Staff
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5 Dariya News

नई दिल्ली , 27 Apr 2026

Last updated on: Apr 28, 2026, 13:58 IST

भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने अपने हालिया अमेरिका दौरे के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों के पूर्व सैनिकों (वेटरन्स) से मुलाकात की थी। सेना प्रमुख वेटरन्स के योगदान की प्रशंसा की। इस दौरान उन्होंने पूर्व सैनिकों को राष्ट्र और सशस्त्र बलों की ‘मजबूत आधारशिला’ बताते हुए कहा कि उनका समर्पण और सेवा भावना समय के साथ और भी प्रेरणादायक बनती जा रही है।

जनरल द्विवेदी ने पूर्व सैनिकों से कहा कि वर्दी में न रहने के बाद भी पूर्व सैनिकों का राष्ट्र से जुड़ाव बना रहता है। वे सेवा, त्याग और प्रतिबद्धता जैसे मूल्यों को जीवित रखते हैं। सेना प्रमुख ने कहा कि अमेरिका में बसे भारतीय पूर्व सैनिक भारत और अमेरिका के बीच पीपुल टू पीपुल संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

उनका अनुभव और दृष्टिकोण दोनों देशों के बीच आपसी समझ को गहरा करने में सहायक है। अपने यात्रा के दौरान जनरल द्विवेदी ने अमेरिका के प्रतिष्ठित अर्लिंग्टन नेशनल सेमेट्री में जाकर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने वहां पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उन वीर सैनिकों के अदम्य साहस, बलिदान और अमर विरासत को नमन किया।

यह क्षण न केवल सम्मान का प्रतीक था, बल्कि सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान के प्रति गहरी कृतज्ञता का भी परिचायक रहा। इसके अलावा, सेना प्रमुख ने नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी का भी दौरा किया, जहां उन्होंने वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों, शिक्षकों और कोर्स प्रतिभागियों के साथ संवाद किया। इस चर्चा में पेशेवर सैन्य शिक्षा, रणनीतिक अध्ययन और भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

इस यात्रा ने भारत और अमेरिका के बीच सैन्य सहयोग को नई दिशा देने के साथ-साथ दोनों देशों के बीच विश्वास और साझेदारी को और सुदृढ़ किया है। भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी को अमेरिका में औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया था। जनरल उपेन्द्र द्विवेदी की अमेरिका की यह आधिकारिक यात्रा थी।

जनरल द्विवेदी ने अमेरिकी सेना पैसिफिक के कमांडिंग जनरल जनरल रोनाल्ड पी क्लार्क और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की थी। इन बैठकों में भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग को और गहरा करने, सैन्य तालमेल बढ़ाने तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता के साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों देश लगातार बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य, बहु-क्षेत्रीय युद्धक क्षमता (मल्टी-डोमेन ऑपरेशन्स) और संयुक्त प्रशिक्षण की आवश्यकता पर भी विचार साझा करते आ रहे हैं। वहीं मौजूदा सैन्य वार्ता इस बात का संकेत है कि भारत और अमेरिका अपने रक्षा संबंधों को केवल पारंपरिक सहयोग तक सीमित नहीं रख रहे, बल्कि आधुनिक सैन्य चुनौतियों के अनुरूप उसे लगातार विस्तार दे रहे हैं।

अपनी यात्रा के तहत थलसेना प्रमुख ने ओआहू द्वीप का हवाई सर्वेक्षण भी किया था। इस एरियल टूर के दौरान उन्होंने वहां के प्रशिक्षण ढांचे, सैन्य तैयारियों और विभिन्न ऑपरेशनल व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। इससे उन्हें अमेरिकी सेना की बहुक्षेत्रीय युद्ध क्षमता और प्रशिक्षण प्रणाली को समझने का अवसर मिला, जो भविष्य में संयुक्त अभ्यासों और सहयोग को और प्रभावी बनाने में मदद करेगा।

 

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