आज वरिष्ठ कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और किसानों ने GMADA द्वारा ज़मीन अधिग्रहण के खिलाफ PUDA भवन, मोहाली के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में किसानों और स्थानीय निवासियों ने इसमें भाग लिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
सभा को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने पंजाब के लोगों के साथ धोखा किया है और राज्य को भारी कर्ज में धकेल दिया है।
उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी की सरकार पांच साल में पंजाब पर लगभग 5 लाख करोड़ रुपये का कर्ज चढ़ा देगी। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल दिल्ली में बैठकर पंजाब के फैसले ले रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री केवल एक कठपुतली बनकर रह गए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार लोगों के अधिकारों की रक्षा करने के बजाय ज़मीन हड़पने और बड़े कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने में लगी हुई है। बाजवा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने तुरंत अपने फैसले वापस नहीं लिए, तो कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर विधानसभा तक बड़ा आंदोलन करेगी।
उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ किसानों की नहीं, बल्कि हर उस पंजाबी की है जो अपने अधिकारों के लिए खड़ा है और पंजाब के लोग इसका करारा जवाब देंगे। किसानों के समर्थन में बाजवा ने कहा कि पंजाब की धरती किसानों की मेहनत से सोना बनी है और किसी भी सरकार को उनकी सहमति के बिना उनकी ज़मीन लेने का कोई अधिकार नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के साथ विश्वासघात कर रही है और कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए नीतियां बना रही है। उन्होंने कहा कि जबरन ज़मीन अधिग्रहण कर किसानों को बेघर करने की साजिश रची जा रही है, जिसे सफल नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस पार्टी हर हाल में किसानों के साथ खड़ी रहेगी और जरूरत पड़ने पर सड़कों से लेकर अदालतों तक लड़ाई लड़ेगी। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने अपने संबोधन में कहा कि भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार GMADA के जरिए किसानों के साथ साफ तौर पर नाइंसाफी कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिना उचित मुआवजे के किसानों की ज़मीन अधिग्रहित की जा रही है और बाद में प्लॉटों के आवंटन में किसानों की जगह व्यावसायिक संस्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है। सिद्धू ने कहा कि पहले चंडीगढ़ शहर बसाने के नाम पर 28 गांवों को उजाड़ दिया गया था, जहां लोगों ने अपने घर और आजीविका खो दी थी और वर्षों बाद बड़ी मुश्किल से दोबारा बस पाए।
उन्होंने कहा कि अब फिर वही अन्याय दोहराया जा रहा है और लोगों की सहमति के बिना ज़मीन लेने की कोशिश की जा रही है, जो सीधा-सीधा धोखा और अत्याचार है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिन किसानों को ड्रा में कोने या पार्क के सामने वाले प्लॉट मिलते हैं, उनसे भी आम अलॉटियों की तरह अतिरिक्त शुल्क लेना पूरी तरह गलत है।
उन्होंने कहा कि सरकार लगभग 11,000 एकड़ और ज़मीन अधिग्रहित करने की योजना बना रही है, जिसका कांग्रेस पार्टी डटकर विरोध करेगी। सिद्धू ने कहा कि पहले बादल सरकार के समय किसानों की ज़मीन बहुत कम मुआवजे पर जबरन छीनी जाती थी, लेकिन कांग्रेस सरकार ने Land Acquisition Act 2013 लागू कर किसानों को उचित मुआवजा, सहमति और पारदर्शिता का अधिकार दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली और मौजूदा दोनों सरकारें एक जैसे रास्ते पर चल रही हैं। उन्होंने मांग की कि GMADA एक श्वेत पत्र जारी करे जिसमें अब तक अधिग्रहित ज़मीन, उससे हुई आय और मोहाली के विकास पर हुए खर्च का पूरा विवरण दिया जाए।
उन्होंने सफीपुर, नडियाली, धर्मगढ़ और रुढ़का गांवों में प्रस्तावित 182 एकड़ के AI प्रोजेक्ट पर भी चिंता जताई और कहा कि यह लोगों के लिए हानिकारक साबित हो सकता है तथा अन्य राज्यों ने भी ऐसे प्रोजेक्ट को लागू नहीं होने दिया।उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब और केंद्र सरकार मिलकर पंजाब को प्रयोग का मैदान बना रही हैं।
सिद्धू ने कहा कि यदि किसानों ने केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ संघर्ष न किया होता, तो आज देश के किसान बड़े कॉरपोरेट घरानों के कब्जे में होते। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं ने संसद के अंदर और बाहर इन कानूनों के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ी, जिसके चलते सरकार को इन्हें वापस लेना पड़ा।
उन्होंने आश्वासन दिया कि कांग्रेस सरकार बनने पर हर किसान को न्याय दिलाया जाएगा और मोहाली को विकास के मामले में नंबर एक बनाया जाएगा। सिद्धू ने चेतावनी दी कि यदि किसानों के साथ हो रही नाइंसाफी तुरंत नहीं रोकी गई, तो वे कानूनी लड़ाई लड़ने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अदालत का रुख करेगी और हर मंच पर सरकार को चुनौती देगी ताकि किसानों को न्याय मिल सके।
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान मार्केट कमेटी खरड़ के पूर्व चेयरमैन और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरकेश चंद शर्मा मच्छली कलां ने मंच संचालन की अहम जिम्मेदारी निभाई। इस मौके पर हरजीत सिंह भोलू, हरदयाल चंद बडबर, किसान नेता मक्कन सिंह गीगेमाजरा, किसान नेता सुरजीत सिंह मानक माजरा, गुरप्रताप सिंह बड़ी, गुरप्रीत सिंह शेखन माजरा, जग रूप सिंह ढोल कुरड़ी, मोहाली के मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू और कंवरबीर सिंह सिद्धू सहित कई अन्य नेता मौजूद रहे। बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता, किसान प्रतिनिधि, पंच और सरपंच भी उपस्थित रहे।