प्रोग्रेसिव पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026 के दूसरे दिन राज्य में निवेश के अवसरों को उजागर करते हुए प्लाक्शा यूनिवर्सिटी में इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग (ईएसडीएम) से संबंधित आयोजित सत्र में पंजाब में निवेश करने के फायदों पर प्रकाश डाला गया।पंजाब की नई औद्योगिक नीति के बारे में जानकारी देते हुए पंजाब डेवलपमेंट कमीशन की चेयरपर्सन सीमा बंसल ने कहा कि मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने 9 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की है, जिनमें ईएसडीएम भी शामिल है।
उन्होंने कहा कि नीतिगत प्रोत्साहनों के अलावा पंजाब में अनुकूल व्यापारिक माहौल, उच्च स्तरीय तकनीकी संस्थान, कुशल मानव संसाधन और मजबूत बुनियादी ढांचा उपलब्ध है।सीमा बंसल ने आगे कहा कि पंजाब विश्व स्तरीय औद्योगिक ढांचा उपलब्ध कराकर, उद्योग और अकादमिक संस्थानों के बीच साझेदारी को मजबूत कर और अनुसंधान, डिजाइन तथा नवाचार को प्रोत्साहित करके एक मजबूत ईएसडीएम इकोसिस्टम तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
टॉपन स्पेशियलिटी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड के अविनाश सिंह ने पंजाब में कारोबार करने के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पंजाब सरकार उद्योगों को समर्थन देने में काफी सक्रिय रही है और राज्य में अपनी इकाइयां स्थापित करते समय उनकी कंपनी को अपेक्षा से अधिक प्रोत्साहन प्राप्त हुए।इस दौरान एच.सी.एल. टेक्नोलॉजी के कमलजीत सिंह ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में इलेक्ट्रॉनिक चिप्स की बड़ी मांग है, जो ईएसडीएम उद्योग में बड़े विकास की संभावना दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि कुशल मानव संसाधन, बुनियादी ढांचे की उपलब्धता और व्यापार-समर्थक नीतियों के कारण पंजाब निवेश के लिए एक आदर्श स्थान है।अन्य वक्ता सी.डी.आई.एल. सेमीकंडक्टर्स के पृथ्वीदीप सिंह ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धा के दौर में मोहाली भारत के प्रमुख तकनीकी केंद्रों जैसे बेंगलुरु, अहमदाबाद और जयपुर के साथ मजबूती से प्रतिस्पर्धा कर रहा है।
उन्होंने कहा कि आकर्षक नीतियां, गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति और सक्षम मानव संसाधन की उपलब्धता पंजाब में निवेश को आकर्षित करने के प्रमुख कारक हैं।इसके अलावा इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन के धर्मेंद्र सिंह यादव ने भी पंजाब को निवेश के लिए एक आदर्श स्थान बताया।इस सत्र का संचालन बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप के अंकुश वाडेरा द्वारा किया गया।