महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने फ्रांस के प्रोवेंस-आल्प्स-कोट डी'जूर (पीएसीए) क्षेत्र के साथ सहयोग को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को उन्होंने पीएसीए क्षेत्र के प्रेसिडेंट रेनॉड मुसेलियर के साथ को-ऑपरेशन के लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) पर हस्ताक्षर किए हैं। इससे क्षेत्रीय स्तर पर भारत-फ्रांस सहयोग और मजबूत होगा।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करके इस एलओआई के बारे में जानकारी देते हुए खुशी जाहिर की। फडणवीस ने लिखा, "महाराष्ट्र और फ्रेंच रीजन प्रोवेंस-आल्प्स-कोट डी'ज़ूर (पीएसीए) के बीच प्रेसिडेंट रेनॉड मुसेलियर के साथ को-ऑपरेशन के लेटर ऑफ इंटेंट पर साइन करके खुशी हुई।"
उन्होंने आगे लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के शेयर्ड विजन के साथ यह पार्टनरशिप जेएनपीटी (जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट) और मार्सिले-फॉस के बीच मैरीटाइम कनेक्टिविटी, ब्लू इकॉनमी, रिन्यूएबल एनर्जी, हेल्थ और बायोटेक्नोलॉजी, इनोवेशन इकोसिस्टम तथा कल्चरल इंडस्ट्रीज को आगे बढ़ाएगी।"
जैसे-जैसे भारत-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026 नजदीक आ रहा है, महाराष्ट्र और पीएसीए एक मजबूत मुंबई-मार्सिले इकोनॉमिक ब्रिज बनाएंगे। यह निवेश, टेक्नोलॉजी एक्सचेंज और सस्टेनेबल ग्रोथ के लिए नए अवसर अनलॉक करेगा। पीएसीए फ्रांस का दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र है, जिसका मुख्यालय मार्सिले में है और यह पर्यटन, बंदरगाह, रिन्यूएबल एनर्जी और इनोवेशन के लिए जाना जाता है।
मार्सिले-फॉस यूरोप का प्रमुख पोर्ट है, जो जेएनपीटी के साथ जुड़कर समुद्री व्यापार को बढ़ावा देगा। यह एलओआई महाराष्ट्र की वैश्विक साझेदारी बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है। हाल ही में दावोस वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में महाराष्ट्र ने लाखों करोड़ों रुपए के एमओयू साइन किए, जिसमें फ्रांस सहित कई देश शामिल थे। फ्रांस से निवेश और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप पर जोर दिया गया।
यह समझौता ब्लू इकॉनमी (समुद्री अर्थव्यवस्था), सौर ऊर्जा, बायोटेक और हेल्थ सेक्टर में सहयोग बढ़ाएगा। यह एलओआई मुंबई में साइन हुआ, जहां मुसेलियर ने फडणवीस के साथ बैठक की। दोनों नेताओं ने साझा हितों पर चर्चा की। आने वाले समय में ठोस प्रोजेक्ट्स और निवेश की उम्मीद है। महाराष्ट्र की इंडस्ट्रियल और पोर्ट क्षमता को फ्रांस की एक्सपर्टीज से फायदा होगा।