पूर्व शिक्षा मंत्री और विधायक पद्मश्री परगट सिंह ने आज सरदार हरकिशन सिंह सुरजीत की बरसी के मौके पर गांव वडाला में आयोजित समारोह में उन्हें श्रृद्धा के फूल अर्पित किए और सभी विरोधी पार्टियों को एकजुट होकर लड़ाई लड़ने का आहवान किया। परगट सिंह ने कहा कि हरकिशन सिंह सुरजीत ने हमेशा देश को आगे बढ़ाने का काम किया।
उनके जैसे नेता न हुए हैं और न ही होंगे। वह देर रात भी किताबों से ज्ञान अर्जित करते थे, लेकिन आज के नेताओं का किताबों से संबंध खत्म होता जा रहा है। पूर्व शिक्षा मंत्री परगट ने कहा कि इस समय देश को जो सोच दी जा रही है, वह आने वाले समय को मुश्किल बना देगी। आज लड़ाई विचारधारा की है।
जहां बड़ी मछली छोटी मछली को खा रही है। आरएसएस और भाजपा मिलकर देश को खोखला कर रहे हैं। राज्य सरकारों के खिलाफ फैसले लिए जा रहे हैं। आने लासे संसद सत्र में बिजली बिल और शिक्षा बिल समेत पांच बिल लाने की तैयारी की जा रही है, जोकि पंजाब के खिलाफ हैं।
बिजली निगम में निजी कंपनियों को शामिल करने की सोच बहुत खतरनाक है। इसी तरह शिक्षा में भी कमिशन बनाना गलत कदम होगा। उन्होंने कि पंजाब के हित में आम आदमी पार्टी और मुख्यमंत्री भगवंत मान चुप्पी साधे हैं। उन्होंने संसद में न कभी शिक्षा पॉलिसी का विरोध किया और न ही बीबीएमबी मुद्दे ही अपनी आवाज बुलंद की।
अब चंडीगढ़ को लेकर भी उनका कोई स्टैंड क्लीयर नहीं है। उनको चंडीगढ़ के मामले में संसद में पूरजोर मामला उठाना चाहिए। लेकिन सच्चाई यह है कि आम आदमी पार्टी भाजपा की ही बी-टीम है। हर मामले में चुप्पी साधे बैठे मुख्यमंत्री भगवंत मान के दो गुरु हैं। एक दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल और दूसरे देश के गृह मंत्री अमित शाह हैं।
सीएम मान दोनों को ही खुश करने लगे हैं। वह किसी को भी नाराज नहीं करना चाहता है। जिससे खामियाजा पंजाब को उठाना पड़ रहा है। परगट सिंह ने कहा कि अब समय आ गया है कि सभी को एकजुट होना होगा। तभी केंद्र में भाजपा की सरकार और पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार को सबक सिखाया जा सकता है।
पंजाब और पंजाबियों के हित में खड़ा होना होगा, तभी हम पंजाब को बचा सकेंगे। इस मौके पर शाहकोट के विधायक हरदेव सिंह लड़ी शेरो वालिया भी मौजूद रहे। लड़ी शरॊवालिया ने भी श्हरकिशन सिंह सुरजीत को श्रद्धांजलि दी और पंजाब के हालातो पर अपने विचार रखें।