कोम्म्यून द्वारा आयोजित “स्पोकन फेस्ट”, एशिया का सबसे बड़ा स्पोकन वर्ड महोत्सव, चंडीगढ़ में पहली बार स्पोकन ईवनिंग के रूप में चितकारा यूनिवर्सिटी परिसर में आयोजित किया गया। यह आयोजन सृजनात्मक ऊर्जा और प्रतिभा से भरपूर युवा कलाकारों के बीच रचनात्मक अभिव्यक्ति का एक नया अध्याय लेकर आया। कार्यक्रम की शुरुआत “क़िस्सों का कारवाँ”, एक विशेष स्टोरीटेलिंग कार्यशाला से हुई जिसका संचालन कोम्म्यून के संस्थापक और स्पोकन फेस्ट के निदेशक रोशन अब्बास ने किया।
स्पोकन फेस्ट के चंडीगढ़ संस्करण की चितकारा यूनिवर्सिटी परिसर से शुरुआत करना सोची-समझी रणनीति का हिस्सा था क्यूंकि युवा कलाकारों को अक्सर अपनी असली आवाज़ ऐसे वातावरण में मिलती है, जहाँ वे खुद को सुरक्षित, समर्थित और प्रेरित महसूस करते हैं। चितकारा यूनिवर्सिटी में वर्कशॉप और शाम के परफॉर्मेंस दोनों का आयोजन कर स्पोकन फेस्ट का उद्देश्य छात्रों को कला की दुनिया से सीधा और प्रभावशाली जुड़ाव प्रदान करना रहा, ताकि इमर्सिव और फर्स्टहैंड वास्तविक अनुभवों के माध्यम से नई पीढ़ी के स्टोरीटेलर्स को बनाने में मदद मिल सके।
इसका सशक्त प्रमाण तब सामने आया जब स्टोरीटेलिंग कार्यशाला में भाग लेने वाले चितकारा यूनिवर्सिटी के दो स्टूडेंट छात्र कलाकारों लकी और युवराज ने इवेंट से पहले हुई वर्कशॉप के दौरान अपने भीतर छुपी कहानी कहने की प्रतिभा को पहचाना और अपनी परफॉर्मेंस से स्पोकन इवनिंग की शुरुआत की। दोनों छात्र कलाकारों की प्रभावशाली प्रस्तुतियों ने इस महोत्सव के मूल उद्देश्य: सीखने, अभिव्यक्ति और अवसर के चक्र को आगे बढ़ाने को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
इस पहल के बारे में बात करते हुए कोम्म्यून के संस्थापक और स्पोकन फेस्ट के निदेशक रोशन अब्बास ने कहा, "हममें से कई कलाकारों की यात्रा कैंपस की कक्षाओं और गलियारों से शुरू होती है। हमारा उद्देश्य अगली पीढ़ी के स्टोरीटेलर्स को मंच, मार्गदर्शन और अभिव्यक्ति का आत्मविश्वास प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाना है।
युवा एक महान कलाकार बन सकते हैं, बस उन्हें एक मंच, एक मेंटर या अपनी बात कहने के लिए प्रोत्साहन की ज़रूरत होती है।" चितकारा यूनिवर्सिटी में इस महोत्सव की मेजबानी को लेकर चितकारा यूनिवर्सिटी की प्रो–चांसलर डॉ. मधु चितकारा ने कहा,"चितकारा यूनिवर्सिटी में हमारा विश्वास है कि रचनात्मकता वहीं पनपती है, जहाँ युवाओं को निर्भीक होकर अपनी सोच प्रस्तुत करने की आज़ादी मिले।
स्पोकन फेस्ट की मेजबानी करना हमारी उस प्रतिबद्धता का विस्तार है, जिसमें हम छात्रों के भीतर कल्पनाशीलता, आत्मविश्वास और कला-उत्सुकता को बढ़ावा देते हैं। यह बेहद प्रेरणादायक था कि हमारे छात्र आज प्रतिष्ठित कलाकारों के साथ मंच साझा कर स्टोरीटेलिंग की सबसे रूपांतरकारी शक्ति से जुड़े।"
शाम तक चले “स्पोकन ईवनिंग” के इस आयोजन में स्पोकन वर्ड और क्रिएटिव आर्ट्स जगत के बहुचर्चित कलाकारों—दिव्या दत्ता, श्वेता त्रिपाठी, सृति झा, गायक जस्ट, गुरप्रीत सैनी और कोम्म्यून स्पेशल प्रोडक्शन ‘बहुत ज़ोर से प्यार लगा है’ की कलाकार मंडली ने अपनी विशिष्ट प्रस्तुतियों से संध्या को अविस्मरणीय बना दिया। हर कलाकार ने अपनी अनूठी आवाज़ और शैली से मंच को जीवंत किया, जिससे एक आत्मीय, ऊर्जावान और प्रभावशाली माहौल बना जो स्पोकन फेस्ट का सच्चा सार है, जहाँ कला को घर मिलता है और दर्शकों को एक समुदाय।
स्पोकन फेस्ट, लाइव स्टोरीटेलिंग का एक भव्य उत्सव है, जो कविता, संगीत, थिएटर, संवाद और स्पोकन वर्ड जैसी विधाओं के माध्यम से कहानियों को मंच प्रदान करता है। भारत के विभिन्न शहरों में अपनी यात्रा के दौरान, यह महोत्सव विविध आवाज़ों को एक साथ लाने, रचनात्मक समुदायों को सशक्त बनाने और उभरते तथा जाने-माने कलाकारों को संवेदनशीलता, ईमानदारी और दिल से अपनी कहानियाँ साझा करने का माहौल प्रदान करता रहा है।
चितकारा यूनिवर्सिटी में आयोजित स्पोकन ईवनिंग चंडीगढ़, इस कारवाँ की यात्रा में एक अहम पड़ाव साबित हुआ , जहाँ युवा कहानीकारों को तैयार करने और कहानियों के कारवाँ को नई जगहों, नए शहरों और नई पीढ़ियों तक बढ़ाने के फेस्टिवल के कमिटमेंट को और मज़बूती मिली।