अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में देश के दूसरे राज्यों से गीता जयंती महोत्सव में जहां एक ओर शिल्पकार अपनी हस्तकला का प्रदर्शन कर रहे है, वहीं ब्रह्मसरोवर के उत्तर दिशा के पावन घाट पर स्टाल नंबर 676, 677, 679 से 686 तक खादी ग्रामोद्योग बने वस्त्रों की झलक देखने को मिल रही है। इन स्टॉलों पर खादी से बने वस्त्रों की पर्यटक जमकर खरीदारी कर रहे है।
स्टॉल नंबर 686 पर खादी के वस्त्र व 685 पर हर्बल मेहंदी, शैम्पू, खादी से तैयार जैकेट बिक्री के लिए रखे गए है। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में लगे खादी स्टॉल्स पर बातचीत करते हुए जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी प्रमोद कुमार पालीवाल ने बताया कि इन स्टॉलों पर हरियाणा खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की तरफ से तैयार उत्पादों को बिक्री के लिए लाया गया है।
आमजन के लिए 25 प्रतिशत तथा जबकि सरकारी कर्मचारियों द्वारा इन उत्पादों की खरीद पर 30 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। इन स्टॉल पर रखे वस्त्र खादी कपड़े से ही बनाए जाते हैं और इन वस्त्रों को स्वयं तैयार किया जाता हैं।उन्होंने बताया कि स्टॉल्स पर खादी से बने वस्त्र पर्यटकों को खूब पसंद आ रहे है और इनकी जमकर खरीदारी भी कर रहे हैं।
खादी से बने यह वस्त्र सर्दियों में गर्म और गर्मियों में ठंडे रहते है। इन वस्त्रों को पहनने से शरीर के किसी भी भाग को कोई नुकसान नहीं होता। उन्होंने बताया कि सरकार खादी उद्योग को बढ़ावा देने एवं युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध करवाने के भरसक प्रयास कर रही है।
युवा खादी से जुडक़र स्वरोजगार अपना सकते है, युवाओं को प्रशिक्षण दिलवाकर स्वरोजगार चलाने के लिए सरकारी की ओर से आर्थिक सहायता भी उपलब्ध करवाई जाती है। सरकार का उद्देश्य खादी ग्राम उद्योग से महिलाओं और युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्रदान करना है।
इस अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में कॉटन, खादी के कपड़े और उन से बने खेस, चादर, जर्सी, जैकेट, कोट व कुर्ता पजामा का कपड़ा लेकर आए है। नैचुरल पदार्थाे से बनी धूपबत्ती, नेचुरल शहद, लीची, नीम, लैदर शुज, चप्पल, साबुन, प्राकृतिक आंखों की दवा सहित अन्य उत्पाद उपलब्ध करवाएं गए है।
प्रदेश सरकार सौर उर्जा को लेकर काफी गम्भीर है। नागरिकों में सौर ऊर्जा के प्रति रूचि को बढाने के लिए हरियाणा खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड ने अपना विशेष स्टॉल भी लगाया है।