केंद्रीय शहरी विकास मंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि हमें एकता और अंत्योदय की भावना के साथ देश के शहरों को स्वच्छ व गंदगी मुक्त बनाना है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने दो विचार रखे थे—एक राजनीतिक आज़ादी और दूसरा गंदगी से आजादी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत कर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के इस संकल्प को आगे बढ़ाया।
मनोहर लाल शनिवार को सोनीपत के आईआईटी एजुकेशन सिटी कैंपस में स्वच्छ शहर जोड़ी (एसएसजे) पहल का शुभारंभ करते हुए संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी कार्यक्रम में करनाल से जुड़े और कहा कि स्वच्छ शहर जोड़ी पहल में हरियाणा अग्रणी भूमिका निभाएगा। हरियाणा के सोनीपत व करनाल नगर निगम से पांच-पांच नगर पालिकाओं को जोड़ा जा रहा है। उन्होंने देश के शहरों को स्वच्छ करने के लिए शुरू की गई इस पहल के लिए केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल का धन्यवाद भी किया।
वहीं अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि स्वच्छ शहर जोड़ी पहल के तहत 72 मेंटर शहर और लगभग 200 मेंटी शहर जोड़े गए हैं। यह शहरी कचरा प्रबंधन क्षेत्र का अब तक का सबसे बड़ा सिटी-ट्विनिंग ढांचा सिद्ध होगा। चयन हाल ही में हुए स्वच्छ सर्वेक्षण के आधार पर किया गया है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शहरों को मेंटर और सुधार की आवश्यकता वाले शहरों को मेंटी बनाया गया है। प्रत्येक मेंटर-मेंटी जोड़ी का गठन भौगोलिक निकटता और प्रदर्शन अंतर के आधार पर किया गया है ताकि ज्ञान आदान-प्रदान अधिक प्रासंगिक और व्यावहारिक हो।
राष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान सभी सहभागी शहरों के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए। इस अवसर पर नगर निकाय अधिकारियों और राजनीतिक प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने इसे ऐतिहासिक बना दिया। श्री मनोहर लाल ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण की लगातार सफलताओं को देखते हुए मंत्रालय ने सुपर स्वच्छ लीग की भी स्थापना की है। 2022, 2023 और 2024 के सर्वेक्षण में पाँच जनसंख्या वर्गों में शीर्ष तीन स्थान प्राप्त करने वाले शहरों को इस लीग में शामिल किया गया है।
यही शहर स्स्छ्व ढांचे में मेंटोर शहरों का आधार बनेंगे। वहीं, मेंटी शहरों का चयन राज्यों की संचयी रैंकिंग में निचले स्तर पर रहे शहरों से किया गया है ताकि व्यावहारिक और सहकर्मी-आधारित सीखने का मॉडल विकसित हो सके।उन्होंने कहा कि आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने 26 अगस्त, 2025 को एसएसजे पहल हेतु आधिकारिक दिशानिर्देश जारी कर 100-दिवसीय कार्ययोजना की शुरुआत की है।
इस अवधि में प्रत्येक शहर जोड़ी संयुक्त कार्य योजनाएँ बनाएंगी जिनमें स्पष्ट लक्ष्य व मील के पत्थर होंगे, साइट विज़िट और प्रत्यक्ष अनुभव आधारित शिक्षण करेगी, सफलताओं की साझेदारी और चुनौतियों का समाधान निकालेगी तथा दीर्घकालिक क्षमता निर्माण की नींव रखेगी। इस प्रयास का मूल्यांकन स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 में किया जाएगा।उन्होंने कहा कि यह पहल दर्शाती है कि संरचित मेंटॉरशिप मॉडल शहरी स्वच्छता पर ठोस असर डाल सकता है। इससे न केवल जमीनी स्तर पर सुधार होंगे, बल्कि शहरी शासन प्रणाली में पीयर-लर्निंग मॉडल को संस्थागत रूप मिलेगा।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल की उपस्थिति में हरियाणा के करनाल और सोनीपत नगर निगम ने 5-5 छोटे शहरों को स्वच्छता में सहयोग देने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए। करनाल नगर निगम सीवन, इस्माईलाबाद, कालांवाली, नारनोंद और राजौंद नगर पालिका का मार्गदर्शन करेगा, जबकि सोनीपत नगर निगम पटौदी, फर्रूखनगर, कुंडली, नारनौल और होडल को सहयोग करेगा। सोनीपत में आयोजित इस राष्ट्रीय कार्यक्रम से सहयोगात्मक शहरी शासन और शहर-से-शहर मेंटॉरिंग के एक नए युग की शुरुआत हुई है।
इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने शैलेंद्र द्वारा लिखित और अमित त्रिवेदी व श्रेया घोषाल द्वारा गाया गया स्वच्छता गीत भी लॉन्च किया। उन्होंने मध्य प्रदेश के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय व उत्तर प्रदेश के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्री अनिल कुमार शर्मा से भी बातचीत की। इस अवसर पर राय से विधायक कृष्णा गहलावत, सोनीपत से विधायक श्री निखिल मदान, मेयर श्री राजीव जैन, अर्बन डेवलपमेंट मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी रूपा मिश्रा, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के कमिश्नर एवं सचिव श्री विकास गुप्ता भी मौजूद थे।