पंजाब पुलिस की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। टीम ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात विदेशी गैंगस्टर गोल्डी बरार के सहयोगी बलजिंदर सिंह उर्फ रैंच को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी मुक्तसर साहिब के मलोट क्षेत्र में एक फ्लाईओवर के नीचे की गई।
बलजिंदर के कब्जे से पांच .32 बोर पिस्तौल और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए गए, जो गोल्डी बरार गिरोह को पंजाब में अशांति और अपराध फैलाने के लिए आपूर्ति किए जाने थे। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि ये हथियार गोल्डी बरार के निर्देश पर उसके प्रमुख सहयोगी मलकीत सिंह उर्फ कित्ता भानी के माध्यम से खरीदे गए थे, जो वर्तमान में कपूरथला जेल में बंद है।
बलजिंदर सिंह का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है, और उसके खिलाफ नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत कई मामले दर्ज हैं। पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि यह गिरफ्तारी संगठित अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता है।
उन्होंने कहा, "एजीटीएफ ने गोल्डी बरार के नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।"पुलिस ने मलोट के सदर थाने में आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 25(7)(8) के तहत मामला दर्ज किया है। पूरे आपराधिक नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच तेज कर दी गई है।
डीजीपी ने कहा कि पंजाब पुलिस राज्य में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और संगठित अपराध नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। बता दें कि गोल्डी बरार, जो कनाडा में रहकर कई आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देता है, पंजाब में कई हत्याओं और आपराधिक घटनाओं में शामिल रहा है। वहीं, अब इस कार्रवाई को पंजाब में अपराध पर लगाम लगाने की दिशा में एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है।