आज चंडीगढ़ स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी द्वारा दो दिवसीय क्षेत्रीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। यह कार्यशाला राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में आयोजित की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि यह चंडीगढ़ में आयोजित अपनी तरह की पहली पूर्णत: पेपरलेस कार्यशाला है, जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य क्षेत्र में डिजिटल तकनीक को बढ़ावा देना है। यह आयोजन स्वास्थ्य सचिव, यूटी चंडीगढ़ के कुशल मार्गदर्शन में किया गया।
चंडीगढ़ स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी के परियोजना निदेशक ने बताया कि यह कार्यशाला पूर्ण रूप से पेपरलेस रही, जो सरकार की डिजिटल स्वास्थ्य रूपांतरण की सोच के अनुरूप है। इस कार्यशाला में NACO के वरिष्ठ अधिकारी एवं CDC इंडिया, UNAIDS, ITECH इंडिया जैसे राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया।
इसके अलावा, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और लद्दाख सहित आसपास के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की। डॉ. सुमन सिंह, निदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं, यूटी चंडीगढ़ ने विभिन्न राज्य एड्स नियंत्रण समितियों, नाको एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधित्व कर रहे सभी प्रतिभागियों का हार्दिक स्वागत किया।
यह वित्तीय वर्ष 2025–26 में NACO द्वारा आयोजित क्षेत्रीय क्षमता निर्माण कार्यशालाओं की श्रृंखला की चौथी और अंतिम कार्यशाला है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम (NACP) के तहत डेटा विश्लेषण और वैज्ञानिक लेखन में क्षमताओं को सुदृढ़ करना है।
यह कार्यशाला रणनीतिक सूचना के प्रमुख घटकों—जैसे डेटा की गुणवत्ता, सुरक्षा, विश्लेषण और उपयोग—पर ध्यान केंद्रित करते हुए सभी स्तरों पर डेटा-आधारित निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करने का प्रयास है। साथ ही, यह अनुसंधान और मूल्यांकन के महत्व को भी रेखांकित करती है ताकि चंडीगढ़ एसएसीएस के अंतर्गत सेवाओं की डिलीवरी और प्रभावशीलता को बेहतर बनाया जा सके।