महाराष्ट्र के बीड में एक कोचिंग क्लास में नाबालिग लड़की के साथ हुए यौन शोषण मामले में महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। इस केस की जांच अब एसआईटी (विशेष जांच टीम) करेगी और एक महिला अधिकारी को इस टीम का नेतृत्व दिया गया है।
बीड पुलिस ने दो शिक्षकों को गिरफ्तार किया है, लेकिन राजनीतिक विवाद सामने आया है। इसी बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को एसआईटी से जांच कराने की बात कही। मंगलवार को बीड में नाबालिग से यौन शोषण का मुद्दा महाराष्ट्र विधानसभा में जोरदार तरीके से उठाया गया।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले की एसआईटी (विशेष जांच टीम) से जांच कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए सरकार ने एसआईटी जांच का आदेश देने का निर्णय लिया है।
इस विशेष जांच दल की अगुवाई वरिष्ठ महिला आईपीएस अधिकारी करेंगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि टीम समयबद्ध तरीके से जांच कर दोषियों को बेनकाब करेगी। फडणवीस ने कहा, "मैं सदन और जनता को आश्वस्त करता हूं कि इस मामले में किसी भी तरह का पक्षपात नहीं होगा।
पीड़ित लड़की को न्याय मिलेगा और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।" विधायक चेतन तुपे की ओर से मंगलवार को बीड केस को सदन में उठाया गया। उन्होंने कहा, "यह घटना शिक्षक और छात्र के रिश्ते को कलंकित करने वाली है।" उन्होंने कहा, "कोचिंग क्लास में नाबालिग लड़की के साथ यौन शोषण किया गया।
इस केस में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और उनके खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। हालांकि, इस गंभीर मामले की गहराई से जांच की जरूरत है।" उन्होंने इस सिलसिले में एसआईटी गठित करने की मांग की थी, जिस पर देवेंद्र फडणवीस ने सदन में ही जवाब देते हुए एसआईटी से जांच कराने की घोषणा की।