हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय ने विद्यार्थियों से आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ आचार और विचार का भी सही होना जरूरी है। जैसा आचार, विचार और व्यवहार होगा वैसे ही व्यक्तित्व होगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को अच्छे संकल्प के साथ राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2047 में देश को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में विशेषकर युवाओं की भागीदारी जरूरी है। युवाओं को हमेशा बड़े विचार और बड़ी सोच रखनी चाहिए। राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय शनिवार को भिवानी में स्थानीय टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्सटाइल एंड साइंसेज के वार्षिक दिवस समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे चाहे वैज्ञानिक बनें या उद्योगपति बनें, लेकिन देश, समाज, अपनी कर्मभूमि और जन्म भूमि के प्रति अपना दायित्व ना भूलें। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र के उत्थान में स्टील और टैक्सटाइल का बड़ा योगदान होता है।
टेक्सटाइल के क्षेत्र में न केवल रोजगार पाने की बल्कि बड़ा बिजनेस मैन बनने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक भारत का टेक्सटाइल के क्षेत्र एक्सपोर्ट करीब नौ लाख करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगा। इतना ही नहीं टैक्सटाइल के क्षेत्र में तीन करोड़ से भी अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने कहा कि भिवानी में टीआईटी की स्थापना प्रसिद्ध उद्योगपति एवं समाजसेवी जीडी बिड़ला ने ऐसे समय में की थी, जब देश द्वितीय विश्व युद्ध के अंधेरे बादलों से घिरा हुआ था। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से प्रेरित होकर इस संस्थान की नींव रखी, जो देश के विकास में मील का पत्थर साबित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि भारतीय कपड़ा उद्योग में इस संस्थान का योगदान किसी से छिपा नहीं है। अपनी स्थापना के समय से ही, इस संस्थान ने कपड़ा क्षेत्र के विकास में एक आधारशिला की भूमिका निभाई है। वैश्विक आर्थिक मंदी और विभिन्न चुनौतियों के बावजूद, संस्थान ने अपनी शैक्षिक उत्कृष्टता को बनाए रखा है।
टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी, टेक्सटाइल केमिस्ट्री और फैशन एवं परिधान इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में इस संस्थान ने न केवल अकादमिक मानकों को ऊंचा किया है, बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण और उद्योग से जुड़ाव के माध्यम से अपने छात्रों को भविष्य के लिए तैयार किया है।
उन्होंने ने विद्यार्थियों से आह्वान करते हुए कहा कि वे नवाचार पर काम करते हुए रोबोटिक, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, मिशन लर्निंग, डाटा एनीलिसिस सहित विषयों की पढ़ाई करें। नई तकनीक सीखने की जिज्ञासा रखें। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना की और कहा कि वे यहां से डिग्री लेकर जाने के बाद बड़े उद्योगपति बनें ताकि दूसरों को रोजगार दे सकें।