हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने आज हरियाणा विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के दौरान सदन में सभी सदस्यों से आग्रह करते हुए कहा कि ‘‘हरियाणा के युवाओं के भविष्य के बारे में ठीक सोचते हुए सदन के सभी सदस्यों को थंपिंग मेजोरिटी व ध्वनि मत के साथ हरियाणा रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन और ट्रैवल एजेंट बिल को पारित करना चाहिए क्योंकि इस बारे में अभी कोई नियम व कायदे-कानून नहीं है’’।
श्री विज आज हरियाणा विधानसभा में चल रहे बजट सत्र में हरियाणा रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन और टैªवल एजेंट बिल के संबंध में अपने विचार प्रकट कर रहे थे।उन्होंने कहा कि अभी सरकार द्वारा इस संबंध में विधेयक लाया जा रहा है और जो भी सुझाव होंगें उन्हें नियमों बनाए जाने के समय ध्यान में रखा जाएगा और क्रियान्वित किया जाएगा।
उन्होंने हरियाणा रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन और एजेंट बिल के सबंध में कहा कि ‘‘मैं सरकार को की प्रशंसा करना चाहता हूं कि युवाओं की जीवन के साथ खेलने वाले कबूतरबाजों को नियंत्रित करने के लिए ये विधेयक लाया जा रहा है क्योंकि यह बहुत ही गंभीर बीमारी है’’।
‘जब वह गृहमंत्री थे उस समय पर कबूतरबाजों पर नकेल कसने के लिए दो बार एसआईटी बनाई गई’’- विज
श्री विज ने याद दिलाते हुए कहा कि ‘‘जब वह गृहमंत्री थे उस समय पर कबूतरबाजों पर नकेल कसने के लिए दो बार एसआईटी बनाई गई जिसके तहत पहली एसआईटी आईपीएस अधिकारी भारती अरोड़ा की अध्यक्षता में बनाई गई थी और तब लगभग 600 के करीब कबूतरबाज समय पकड़े गए थे। उसके बाद दोबारा आईपीएस अधिकारी शिवास कविराज की अध्यक्षता में एक ओर एसआईटी बनाई गई थी और इस एसआईटी द्वारा लगभग 750 कबूतरबाज पकड़े थे’’।
लोग अपनी जमीन, खेत, मकान बेचकर अपने बच्चों को बाहर विदेशों में भेजते हैं- विज
उन्होंने कहा कि इस विधेयक को लाना बहुत आवश्यक है क्योंकि आज इस समय कोई भी नियम नहीं है कोई भी व्यक्ति बैठकर यह कार्य/ट्रैवल एजेंट, शुरू कर देता है। उन्होंने बताया कि ‘‘मैंने पाया था कि अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल जैसे जिले सबसे ज्यादा प्रभावित जिले हैं। लोग अपनी जमीन बेच बेचकर, खेत बेच बेचकर, मकान बेच बेचकर, अपने बच्चों को बाहर विदेशों में भेजते हैं और वह किस प्रकार से जंगलों के रास्ते, समुद्र के रास्तों से डंकी रूट से दीवारों को पार करवाकर दूसरे देशों में भेजा जाता है।
हमें कबूतरबाजी पर नकेस कसनी चाहिए- विज
श्री विज ने कहा कि इन सब चीजों के लिए नियम बनाना और कानून बनाना बहुत ही आवश्यक है इसलिए हमने पहले भी बनाया था उस समय कुछ ऑब्जेक्शन लगे। अब उनको उन ऑब्जेक्शन को दूर करके दोबारा बिल ला रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभी हमने देखा कि जिस प्रकार से अमेरिका ने हमारे जो गलत तरीके से बाहर गए हुए व्यक्ति थे उनको किस हालत में यहां भेजा है।
इस पर श्री विज ने प्रश्न खडा करते हुए कहा कि क्या हमें इन चीजों पर रोक नहीं लगानी चाहिए, क्या हमें इसके बारे में विचार नहीं करना चाहिए, क्या हमें इस बारे में कोई नियम नहीं बनना चाहिए और क्या कोई कायदा-कानून नहीं बनाना चाहिए।