पंजाब के कलाकारों द्वारा प्रदर्शित कला की विविधता और सुंदरता ने अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2024 में दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पंजाब की लोक कला, पारंपरिक शिल्प और सांस्कृतिक धरोहर की झलक ने महोत्सव में एक अद्वितीय रंग भर दिया।
प्रदर्शनी में पंजाबी लोक कला के विभिन्न रूपों जैसे फलकारी, जरी, मिनीटौर पेंटिंग्स, और पारंपरिक कढ़ाई ने भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपराओं को जीवित रखा। कलाकारों ने अपनी कला के माध्यम से न केवल पंजाब की मिट्टी, संस्कृति और इतिहास को प्रस्तुत किया, बल्कि दर्शकों को भारतीय कला की विविधता और गहराई से भी परिचित कराया।
पंजाब की कलाओं की यह प्रदर्शनी महोत्सव के हर कोने में एक अद्भुत ऊर्जा और रंग भरने का कारण बनी। इसने न केवल पंजाब की सांस्कृतिक पहचान को उजागर किया, बल्कि भारतीय लोक कला की सुंदरता को विश्व मंच पर प्रस्तुत किया।