आज ही जेल जाएंगे सिद्धू: कपड़ों से भरा बैग लेकर घर से निकले... पटियाला कोर्ट में किया सरेंडर

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आज ही जेल जाएंगे सिद्धू: कपड़ों से भरा बैग लेकर घर से निकले... पटियाला कोर्ट में किया सरेंडर

Navjot Singh Sidhu , Congress , Chandigarh , Punjab Congress , Supreme Court , Punjab And Haryana High Court , Navjot Singh Sidhu Convicted , 1988 Road Rage Case
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पटियाला , 20 May 2022

Last updated on: May 20, 2022, 00:00 IST

नवजोत सिंह सिद्धू की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सुप्रीम कोर्ट से सिद्धू को राहत नहीं मिली है। सिद्धू ने पटियाला कोर्ट में सरेंडर कर लिया है। वो अपने साथ कपड़ों से भरा बैग लेकर आए हैं। खबर है कि सरेंडर के बाद उन्हें पटियाला सेंट्रल जेल में भेजा जा सकता है। आपको बता दें कि आज ही सिद्धू ने सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन डाली थी। उन्होंने बीमारी का हवाला देकर क्यूरेटिव पिटीशन की थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने क्यूरेटिव पिटीशन तत्काल सुनने से इनकार कर दिया।अब सिद्धू को आज ही सरेंडर करना पड़ेगा और जेल जाना होगा। सिद्धू के वकीलों को उम्मीद थी कि दोपहर बाद फिर सुप्रीम कोर्ट के आगे अर्जेंट सुनवाई की मांग करेंगे। जबकि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई नहीं हुई। अगर सिद्धू सरेंडर नहीं करते तो फिर पंजाब पुलिस को उन्हें गिरफ्तार करना पड़ता। सिद्धू के वकील अभिषेक मनु सिंघवी की पिटीशन पर जस्टिस AM खानविलकर ने कहा कि हम चीफ जस्टिस के पास मामले को भेज रहे हैं, वे ही इस पर सुनवाई का फैसला करेंगे। सिद्धू ने खराब स्वास्थ्य के आधार पर सरेंडर के लिए कोर्ट से एक हफ्ते का समय मांगा था।

क्या है वो मामला जिसमें सिद्धू को सजा हुई-

सिद्धू के खिलाफ रोडरेज का मामला साल 1988 का है। सिद्धू का पटियाला में पार्किंग को लेकर 65 साल के गुरनाम सिंह नाम के बुजुर्ग व्यक्ति से झगड़ा हो गया। ये सिर्फ बहसबसाई का झगड़ा नहीं था आरोप है कि दोनों के बीच हाथापाई भी हुई थी। जिसमें सिद्धू ने गुरनाम सिंह को मुक्का मार दिया। बाद में गुरनाम सिंह की मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी मौत की वजह सिर में लगा मुक्का ही बताया गया था। इस बाद पुलिस ने नवजोत सिंह सिद्धू और उनके दोस्त रुपिंदर सिंह सिद्धू के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया। इस मामले में पहले सुप्रीम कोर्ट ने सिद्धू को 1 हजार का जुर्माना लगाकर छोड़ दिया था। लेकिन बुजुर्ग के परिजन इस फैसले से खुश नहीं थे। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी। जिसके बाद कल यानी गुरुवार को इस पर फैसला आया है।

सेशन कोर्ट ने बरी कर दिया था-

इसके बाद मामला अदालत में पहुंचा। सुनवाई के दौरान सेशन कोर्ट ने नवजोत सिंह सिद्धू को सबूतों का अभाव बताते हुए 1999 में बरी कर दिया था। इसके बाद पीड़ित पक्ष सेशन कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंच गया। साल 2006 में हाईकोर्ट ने इस मामले में नवजोत सिंह सिद्धू को तीन साल कैद की सजा और एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी। लेकिन उसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया था।

कांग्रेसी नेताओं ने छोड़ा सिद्धू का साथ-

खबर है कि पंजाब में कांग्रेस के नेताओं ने सिद्धू का साथ छोड़ दिया था। कोई उनके साथ खड़ा नहीं है। हालांकि खबर ये भी है कि प्रियंका गांधी ने सिद्धू को कॉल की थी और उन्हें हिम्मत दी थी। उन्होंने इस मुश्किल समय में सिद्धू को मजबूत रहने के लिए हौसला बढ़ाया।

 

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