पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा पंचायती और सरकारी ज़मीनों से अवैध कब्जे को 31 मई तक छोड़ कर ज़मीनें सरकार को सौंपने की अपील का आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने ज़ोरदार स्वागत किया है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता मलविंदर सिंह कंग ने इस फैसले की तारीफ करते हुए कहा कि ‘आप’ सरकार पंजाब की संपत्ति और संसाधनों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसलिए मान सरकार पंजाब के सभी सरकारी संपत्तियों से अवैध कब्ज़े हटाएगी और राज्य में कानून का राज सुनिश्चित करेगी। बुधवार पार्टी मुख्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए मलविंदर सिंह कंग ने कहा कि यह पंजाब के लोगों की तरफ से किये गए बदलाव का नतीजा है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में उनके पंचायत मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल सरकारी जमीनों से अवैध कब्जे छुड़वा रहे हैं, जबकि अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस की सरकारों के समय सत्ताधारी लोग और उनके समर्थक सरकारी ज़मीनों पर अवैध रुप से कब्ज़ा करते थे।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के समय पंचायती और सरकारी जमीनों को बुरी तरह लूटा गया और प्रदेश की हलात इस कदर खराब थी कि सरकारी ज़मीनों पर किये गए कब्जे छोडऩे का मुद्दा ही नहीं उठता था। कंग ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की अपील को दोहराते हुए कहा कि पंजाब सरकार की तरफ से 31 मई तक पंचायती और सरकारी जमीनों पर किए कब्जे छोडऩे वालों के खि़लाफ़ कोई कानूनी कार्यवाई नहीं की जाएगी, लेकिन 31 मई के बाद कब्जाधारियों से सभी पुराने खर्चे वसूले जाएंगे और उन पर पर्चे (पुलिस कार्यवाही) दर्ज किए जाएंगे। जबसे जमीन पर कब्ज़ा हुआ है, तब से जमीन की आमदनी वसूली जायेगी और सख्त कानूनी कार्यवाई भी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि बदले की भावना से किसी के खिलाफ कोई कार्यवाई नहीं की जाएगी।’’ कंग ने पंजाब सरकार का सहयोग करने वाले पटियाला जिला के समाना हलके के एक परिवार का धन्यवाद किया, जिन्होंने 40 एकड़ से ज्यादा जमीन पंजाब सरकार को सौंपी है। ‘आप’ नेता ने दावा किया कि भगवंत मान की सरकार मिशन पर काम कर रही है, कमीशन पर नहीं। इसी लिए उनकी सरकार की ओर से पंजाब की सरकारी जमीनें और संपत्तियों की रखवाली और सुरक्षा के लिए अच्छी योजनाएं पेश की जा रही है। कंग ने अपील करते हुए कहा कि पंचायती और सरकारी जमीनों पर काबिज़ लोगों को मुख्यमंत्री भगवंत मान की बात पर अमल करना चाहिए और अपने कब्जे छोड़ देने चाहिए, ताकि पंजाब को खुशहाल और अमन-शान्ति वाला प्रदेश बनाया जा सके।