भाजपा के सीनियर नेता एवं पूर्व आईएएस अधिकारी जगमोहन सिंह राजू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी के नेतृत्व में केंद्र की बीजेपी सरकार देश की जनता के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है, जिसको जनता तक पहुँचाना राज्य सरकारों का कार्य है। लेकिन पंजाब की भगवंत मान सरकार इन जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ जनता तक पहुँचाने में नाकाम साबित हुई है। भाजपा कार्यालय शहीद हरबंस लाल खन्ना समरक में जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेश महाजन की अध्यक्षता में आयोजित पत्रकारवार्ता के जगमोहन सिंह राजू ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा शुरू की गई सभी योजनाओं का लाभ जनता तक पहुँचाने का कार्य भाजपा कार्यालय से आरम्भ किया जा चुका है।जगमोहन राजू ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा जनता के लिए प्रधानमंत्री ‘मुद्रा योजना’ के तहत बिना गारंटी के बैंक से 10 लाख तक का कर्ज़, ‘शिशु लोन’ के तहत 50,000 रुपए तक कर्ज़, ‘किशोर लोन’ के तहत पहले से कारोबार कर रहे लोगों के लिए 50,000 से लेकर 5 लाख तक का कर्ज़, ‘तरुण लोन’ के तहत पहले से कारोबार कर रहे लोगों के लिए 5 लाख से लेकर 10 लाख तक का कर्ज़, ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत जिन गरीब लोगों के पास घर नहीं हैं उन्हें घर उपलब्ध करवाना, ‘प्रधानमंत्री उज्जवला योजना’ आदि जैसी कई अन्य कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिसके बारे में पंजाब सरकार अधिकतर जनता को नहीं बता रही और ना ही इसका प्रचार कर रही है।
भारतीय जनता पार्टी उन सब लोगों के लिए एक हेल्पलाईन नंबर 88726-98208 एवं ईमेल [email protected] जारी किया गया है। अभी तक करीब 400 लोगों के कर्म भरे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में संबंधित अधिकारीयों से भी बात हो चुकी है तथा उन्हें केंद्र से उनके उच्चाधिकारियों से भी निर्देश जारी हो चुके हैं। बीजेपी मोदी सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं का फायदा अमृतसर सहित पूरे पंजाब की जनता तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।जगमोहन राजू ने पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान तथा उनकी सरकार द्वारा पैदा किए गए बिजली संकट पर बात करते हुए कहा कि पंजाब सरकार निर्विघन बिजली देने में नाकाम रही है। कोयले की कमी के चलते पंजाब के थर्मल प्लांट बंद किए जाने पर बात करते हुए राजू ने कहा कि मोदी सरकार के कहने पर पंजाब के जनता के हित्तों को ध्यान में रख कर पंजाब को कोयले की एक लाख मीट्रिक टन की एडिशन अलाटमेंट पहले ही की गई थी। इस कोयले के लिए पंजाब की भगवंत मान सरकार द्वारा कोल इंडिया को पैसा चुकाना था, जिसे मुख्यमंत्री भगवंत मान या उनकी सरकार अभी तक नहीं चुका पाई।
इस कारण पंजाब कोयला लेने में नाकाम हुई है, जिसके कारण भगवंत मान सरकार द्वारा पंजाब के थर्मल प्लांटों को अपनी नाकामी के कारण बंद किया जा रहा है।जगमोहन सिंह राजू ने कहा कि पंजाब की जनता को मुफ्त बिजली के झूठे वादे कर सत्ता में आई आम आदमी पार्टी की सरकार के पास दरअसल जनता को सहूलत देने के दिली इच्छा नहीं है। अपनी साख बचाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान जनता से रोजाना झूठ पर झूठ बोले जा रहे हैं। भगवंत मान द्वारा अभी तक डेढ़ महीने में बाज़ार से विभिन्न ब्याज दरों पर 4,000 करोड़ से ज्यादा का कर्ज लिया जा चुका है। अगर भगवंत मान ऐसे ही बाज़ार से कर्ज़ लेते रहे तो वो दिन दूर नहीं जब पंजाब भी श्रीलंका की तरह दिवालिया हो जाएगा।दिल्ली के यूथ नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा को पंजाब पुलिस द्वारा उठाये जाने को केजरीवाल के ईशारे पर किया जाना व राजनीतिक रंजिश करार देते हुए कहा कि यह सब लोकतंत्र की मर्यादाओं व् संविधान के नियमों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान अरविन्द केजरीवाल के हाथों की कठपुतली हैं, जिन्हें पंजाब तथा पंजाबियत का जरा भी ज्ञान नहीं है।इस अवसर पर प्रदेश मीडिया सचिव जनार्दन शर्मा, प्रदेश ओबीसी मोर्चा के महासचिव कंवरबीर सिंह मंज़िल, जिला सचिव सतपाल डोगरा, एससी मोर्चा जिलाध्यक्ष संजीव कुमार, मंडल अध्यक्ष रमन शर्मा, विनोद बब्बल, राकेश महाजन, प्रो. सरचाँद आदि उपस्थित थे।
विश्व प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय सिख विद्वान को राजनीतिक दबाव के कारण विश्वविद्यालय छोड़ने के लिए मजबूर किया गया।
विश्व प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय सिख विद्वान को राजनीतिक दबाव के कारण विश्वविद्यालय छोड़ने के लिए मजबूर किया गया।सिख विद्वान और कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी यूके के फेलो, डॉ जगमोहन सिंह राजू, एक पूर्व आईएएस अधिकारी, जो विभिन्न विश्वविद्यालयों में अतिथि प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और अमृतसर पूर्व निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। अधिकारियों के बार-बार राजनीतिक दबाव के कारण आज निर्धारित समय से पहले अपना कमरा खाली करने के लिए मजबूर किया गया है।
डॉ. राजू ने कहा कि नियमानुसार सिखों के प्रथम पटशाही गुरु नानक देव जी के नाम पर स्थानीय गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस में 3 से 11 मई तक की बुकिंग थी, राजनीतिक दबाव के कारण उन्हें आज निर्धारित समय से पहले अपना कमरा खाली करना पड़ा। हालांकि, गेस्ट हाउस के लगभग सभी कमरे खाली हैं और बुकिंग नहीं हुई थी। डॉ राजू ने कहा कि कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी यूके जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में उनका बहुत सम्मान था और भगवंत मान की सरकार में देश और गुरु के शहर अमृतसर में बनाए गए विश्वविद्यालय में उनके लिए कोई जगह नहीं थी। इस के बाद, विद्वान और बुद्धिजीवी पंजाब में शिक्षा क्षेत्र में राजनीतिक घुसपैठ की तीखी आलोचना कर रहे हैं। ज्ञात हो कि डॉ. जगमोहन सिंह राजू आईएएस ने इस बैसाखी पर पंजाब के राज्यपाल की मेजबानी की थी और उसी विश्वविद्यालय में गुरु साहिब, खालसा और डॉ अम्बेडकर विषय पर सफल सेमिनार आयोजित किए थे। डॉ. राजू द्वारा अखबारों में लिखे गए धार्मिक और सामाजिक लेख बहुत लोकप्रिय हैं।