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Magic Mushroom- डिप्रेशन से लड़ता है, सिगरेट की तलब मिटाता है

मैजिक मशरूम में पाया जाने वाला साइकेडेलिक कंपाउंड साइलोसाइबिन डिप्रेशन के इलाज में मदद कर सकता है।

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5 Dariya News

लंदन , 16 Apr 2022

Last updated on: Apr 16, 2022, 00:00 IST

रोजाना किसी न किसी घर में मशरूम की सब्जी बनती है। बच्चे हो या बुजुर्ग, सबको मशरूम पसंद है। लेकिन हमें ये बात नहीं भूलनी चाहिए कि कुछ मशरूम जहरीले भी  होते हैं वहीं कुछ एक मशरूम में चमत्कारी गुण होते हैं। आज हम एक ऐसे ही मशरूम के प्रकार की बात करेंगे जिसका नाम हैं मैजिक मशरूम (MAGIC MUSHROOM)। आसान भाषा में कहें तो ये मशरूम नहीं आपके लिए प्रकृति का वरदान है। इंपीरियल कॉलेज लंदन के वैज्ञानिकों ने कहा है कि मैजिक मशरूम में पाया जाने वाला साइकेडेलिक कंपाउंड साइलोसाइबिन डिप्रेशन के इलाज में मदद कर सकता है। डिप्रेशन दूर करने वाली दवाओं की ही तरह इसका असर होता है। 

शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में पाया है कि मैजिक मशरूम (MAGIC MUSHROOM) में पाया जाने वाला साइकेडेलिक कंपाउंड डिप्रेशन के इलाज के लिए पारंपरिक दवाओं की तरह ही उपयोगी है।  साइलोसाइबिन भी एस्किटालोप्राम की तरह उपयोगी है।  एस्किटालोप्राम का इस्तेमाल डिप्रेशन के इलाज में किया जाता है।  

रॉबिन कारहार्ट-हैरिस इंपीरियल कॉलेज में सेंटर फॉर साइकेडेलिक रिसर्च के प्रमुख हैं। उनका कहना है कि नियमित तौर पर साइलोसाइबिन थेरेपी से पारंपरिक इलाज की तुलना में ज्यादा फायदा मिलता है और ये मैजिक मशरूम  डिप्रेशन के मरीजों के लिए वरदान है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इसे लेकर अभी और रिसर्च करने की जरूरत है।  अभी इस अध्ययन में सिर्फ 60 ऐसे लोगों के सैंपल लिए गए है जो थोड़े बहुत या गंभीर स्तर पर डिप्रेशन से पीड़ित थे। 

इस रिसर्च में शामिल होने वालों को इलाज के तौर पर या तो साइलोसाइबिन की खुराक दी गई या एस्किटालोप्राम की। और इसके साथ ही, या तो प्लेसीबो दिया गया था या बहुत कम मात्रा में साइलोसाइबिन। इसके बाद, नींद, एनर्जी, भूख, मनोदशा और आत्मघाती विचारों जैसे कई विषयों पर मरीजों से सवाल-जवाब किए गए। रिजल्ट चौंकाने वाला था।

यह ऐसा पहला अध्ययन है जिसमें डिप्रेशन के पारंपरिक इलाज की तुलना साइकेडेलिक परीक्षण के साथ 6 हफ्तों से ज्यादा समय तक की गई।  अध्ययन के दौरान, जब काम और सामाजिक क्रियाकलापों, मानसिक स्थिति बेहतर होने, और खुद को खुश महसूस करने की बात आई, तो साइकेडेलिक दवा का असर बेहतर देखा गया। 

आसान भाषा में कहें तो इलाज के नतीजों को इस तरह से परिभाषित किया गया कि साइलोसाइबिन वाले समूह में 70 प्रतिशत लोगों में डिप्रेशन के स्तर में कम से कम 50 प्रतिशत की कमी देखी गई।  वहीं, एस्किटालोप्राम समूह में यह आंकड़ा 48 प्रतिशत रहा।  नतीजों में यह भी दिखा कि साइलोसाइबिन वाले समूह में डिप्रेशन के लक्षणों में 57 प्रतिशत की कमी देखी गई, जबकि एस्किटालोप्राम समूह में यह 28 प्रतिशत रहा। 

खुद अपना इलाज ना करें- 

हैरिस कहते हैं कि यह शुरुआती खोज के नतीजे हैं। अभी जल्दबाजी ना करें, डिप्रेशन के रोगियों को मैजिक मशरूम के इस्तेमाल से खुद अपना इलाज करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। यह एक गलत फैसला होगा। 

सिगरेट की तलब को मिटा देता है मैजिक मशरूम

जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय के एक छोटे पायलट अध्ययन के अनुसार शोधकर्ताओं ने पाया कि साइलोकोबिन थेरेपी (मैजिक मशरूम थेरेपी) से 12 महीने के अंदर धूम्रपान करने वालों में काफी सुधार आया।  मैजिक मशरूम (साइलोसिबिन) में एल्कोहॉल और कोकीन की लत सहित दूसरे परेशानियों का भी इलाज करने की क्षमता है। असल में एक अध्ययन ने में पाया गया कि साइलोसिबिन थेरिपी (Psilocybin) इलाज के बाद सिगरेट कम पीने और बहुत अधिक पीने वालों की संख्या में काफी गिरावट आई।

 

Tags: Health , Magic Mushroom , Depression , Mental Health Disorder

 

 

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