Friday, 05 June 2026

 

 

खास खबरें डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध शक्तियों पर संसद के मतदान को बताया 'फिजूल' सरबजीत सिंह झिंझर की ‘बोलेगा घनौर बदलेगा दौर’ पदयात्रा के छठे दिन घनौर में पेयजल संकट की हकीकत आई सामने इंडोनेशिया ओपन : पीवी सिंधु और आयुष शेट्टी की हार के साथ भारत का सिंगल्स अभियान समाप्त तेल आयात कम करने से लेकर किसानों की समृद्धि तक : हरदीप सिंह पुरी ने पहले फ्लेक्स-फ्यूल यात्री वाहन का शुभारम्भ किया भारत और ब्रिटेन ने महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखला वेधशाला शुरू की 144 वर्षों में किसी सरकार ने नहरों का पानी नहीं लेने दिया, मुख्यमंत्री भगवंत मान किसानों के मसीहा बने : मनविंदर सिंह ग्यासपुरा पीएम मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर ने देखा ऐतिहासिक बदलाव : सीएम पेमा खांडू हरपाल सिंह चीमा ने मुलाजिम यूनियनों से की मुलाकात मंत्रिमंडल की बैठकों में लिए गए 99 प्रतिशत निर्णय पूरी तरह कार्यान्वितः जगत सिंह नेगी मंत्रिमंडलीय उप-समिति की बैठक आयोजित एमवाई भारत ने 3.9 लाख क्विज़ पार्टिसिपेंट्स के साथ गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया जितिन प्रसाद ने आईआईएफटी में जीबीआरसी 2026 का उद्घाटन किया शिमला पहाड़ी चौक की वर्षों पुरानी जलभराव समस्या का समाधान पंजाब पुलिस ने बड़ी आतंकी साजिश को किया नाकाम रोटरी क्लब रोपड़ सेंट्रल के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर रवि प्रकाश का आधिकारिक दौरा सरकार 2027 तक 5,000 ई85 फ्यूल स्टेशन शुरू करेगी : हरदीप सिंह पुरी 1 किलोवाट उपभोक्ताओं के घर बिना बैंक गारंटी लगेगा सोलर सिस्टम, बिजली बिल होगा शून्य : अनिल विज सीएम मोहन चरण माझी ने बैठक में आपदा जोखिम कम करने पर ब्रिक्‍स के बीच सहयोग की अपील की नशों के खिलाफ अभियान को और मजबूत बनाने के लिए अमृतसर केंद्रीय में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित नशाविरोधी अभियान के दौरान हवलदार शहीद भारत की ओर बढ़ रहा है दीर्घकालिक वैश्विक निवेश, निवेशकों के लिए सबसे भरोसेमंद गंतव्य बना देश : पीयूष गोयल

 

किसानों ने सरकार से कहा, कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए विशेष संसद सत्र बुलाएं

Listen to this article

Web Admin

Web Admin

5 Dariya News

नई दिल्ली , 02 Dec 2020

Last updated on: Dec 02, 2020, 00:00 IST

आंदोलनकारी किसानों ने बुधवार को केंद्र सरकार से पांच दिसंबर को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की चेतावनी देने के अलावा तीन कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने का आग्रह किया है। क्रांतिकारी किसान यूनियन के अध्यक्ष दर्शन पाल ने सिंघु बॉर्डर पर एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, "हम तीन दिसंबर को जश्न मनाएंगे, जब कई दशक पहले भोपाल गैस त्रासदी को कॉर्पोरेट विरोधी दिवस के रूप में मनाया गया था। पांच दिसंबर को हम मोदी सरकार और कॉर्पोरेट घरानों के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे और उनके पुतले जलाएंगे।"यह एक देशव्यापी विरोध होगा, जहां किसान पुतले जलाएंगे।उन्होंने कहा कि कलाकारों और खिलाड़ियों ने सरकार से उन्हें मिलने वाले पुरस्कारों को वापस करने का आह्वान किया है।पाल ने कहा, "हम उन लोगों को धन्यवाद देते हैं, जिन्होंने सरकार को अपने पुरस्कार लौटाने की घोषणा की है और हमें उम्मीद है कि जिन लोगों को राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं, वे उन्हें किसान आंदोलन के साथ एकजुटता के साथ लौटाएंगे।"उन्होंने कहा कि किसान नेता लिखित रूप से सात से 10 पेज की सिफारिश देंगे, ताकि वे बता सकें कि वे कृषि कानूनों को निरस्त क्यों कराना चाहते हैं।पाल ने कहा, "हम सरकार से तीन कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए संसद के विशेष सत्र को बुलाने की मांग करते हैं।"उन्होंने बताया कि मंगलवार को सरकार के साथ बैठक के दौरान, उन्हें यह प्रतीत हुआ कि सरकार ने उन्हें विभाजित करने की कोशिश की और तीनों कृषि कानूनों पर उन्हें गुमराह करने की कोशिश की।इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के एक दिन पहले ही किसानों के समूहों की सरकार के साथ वार्ता हुई थी, मगर उसमें कोई समाधान नहीं निकल पाया था।

लोक संघर्ष मोर्चा से प्रतिभा शिंदे ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि वे तीन दिसंबर को महाराष्ट्र के हर जिले में पुतले जलाएंगे।उन्होंने कहा, "हम महाराष्ट्र में तीन दिसंबर को और गुजरात में पांच दिसंबर को सरकार और कॉर्पोरेट्स के पुतले जलाएंगे।"उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि गुरुवार को सरकार के पास इन कानूनों को निरस्त करने को लेकर निर्णय लेने का अंतिम मौका है, अन्यथा यह आंदोलन बहुत बड़ा हो जाएगा और सरकार गिर जाएगी।एक ओर जहां किसानों ने सरकार को कृषि कानूनों को वापस लेने की चेतावनी दी है, वहीं दूसरी ओर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने मीडिया को बताया कि वे गुरुवार को किसान नेताओं के साथ चर्चा करेंगे।तोमर ने कहा, "हमने कल (गुरुवार) किसानों के साथ एक बैठक बुलाई है और देखते हैं कि मुद्दों को किस हद तक हल किया जा सकता है।"उन्होंने किसानों से कहा कि कानून किसानों के हित में हैं और सुधार लंबे इंतजार के बाद हुए हैं।तोमर ने कहा, "लेकिन अगर उन्हें इससे कोई आपत्ति है तो हम उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए तैयार हैं।"सरकार के साथ किसानों के प्रतिनिधिमंडल की मंगलवार को हुई बैठक अनिर्णायक रही और किसान गुरुवार सुबह फिर से सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे।इससे पहले दिन में तोमर और केंद्रीय रेलवे, वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की ओर से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को किसानों की मांग से अवगत कराया गया।दिल्ली से हरियाणा और उत्तर प्रदेश के साथ लगने वाली कई सीमाओं पर किसान पिछले सात दिनों से धरने पर बैठे हैं। सिंघु बॉर्डर पर हजारों किसान डेरा डाले हुए हैं, जबकि कई अन्य समूहों ने टिकरी बॉर्डर, गाजीपुर बॉर्डर और चिल्ला बॉर्डर पर आवागमन को रोक दिया है।

 

Tags: Protest , Agitation , Demonstration , MSP , #FarmLaws , Farm Laws , #FarmerBills , Farmer Bills , #FarmersProtest , Farmers Protest , Bharatiya Kisan Union , BKU , Farmers Produce Trade and Commerce Act 2020 , Agricultural Produce Market Committee , APMC , Farmer Protest , #FarmerProtest #StandWithFarmersChallenge #FarmersStir , Farmers Stir

 

 

related news

 

 

 

Photo Gallery

 

 

Video Gallery

 

 

5 Dariya News RNI Code: PUNMUL/2011/49000
© 2011-2026 | 5 Dariya News | All Rights Reserved
Powered by: CDS PVT LTD