वित्तीय आयुक्त स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग अटल डुल्लू ने आज जम्मू व कश्मीर कर्मचारी राज्य बीमा सोसायटी (जेकेईएसआईएस) के शासी निकाय की पहली बैठक की अध्यक्षता की।बैठक में आयुक्त सचिव श्रम और रोजगार सौरभ भगत, श्रम आयुक्त अब्दुल रशीद वार और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।बैठक का आयोजन एसोसिएशन के ज्ञापन और जम्मू व कश्मीर कर्मचारी राज्य बीमा सोसायटी के नियमों के पंजीकरण और इन्हें अंतिम रूप देने के संबंध में किया गया था।अटल डुल्लू जो जेकेईएसआईएस के शासी निकाय के अध्यक्ष भी हैं, ने अधिकारियों को नियमों के पंजीकरण और अंतिम रूप से निपटने के दौरान उचित प्रक्रिया से गुजरने का निर्देश दिया।उल्लेखनीय है कि सरकार के आदेश क्रमांक 18-एलएंडई 2020 दिनांक 12-02-2010 को कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 के तहत जम्मू-कष्मीर कर्मचारी राज्य बीमा सोसायटी के रूप में गठन को मंजूरी दी गई थी।बैठक के दौरान गतिविधियों के संचालन के लिए नियम, उपनियम और संचालन संबंधी दिशानिर्देश बनाने के लिए समिति के गठन के संबंध में कई निर्णय लिए गए। बैठक में लंबित एमआरसी दावों तथा ड्रग्स और ड्रेसिंग, और जेकेईएसआईएस के शासी निकाय में अध्यक्ष द्वारा नामित नियोक्ताओं और कर्मचारियों को शामिल करने पर चर्चा हुई।सौरभ भगत ने जेकेईएसआईएस के बारे में एक परिचय दिया और कहा कि कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम 1948 के तहत, स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने के लिए कर्मचारी राज्य बीमा निगम की स्थापना राष्ट्रीय स्तर पर की गई थी। यह शामिल इकाइयों के कर्मचारियों के लिए मासिक निश्चित प्रीमियम पर आधारित चिकित्सा सह बीमा योजना है जो अनिश्चित घटनाओं और स्थिति में उनके हितों की रक्षा करती है। यह योजना नकद लाभ के साथ-साथ स्वास्थ्य देखभाल लाभ भी प्रदान करती है।बैठक में बताया गया कि ईएसआईसी अस्पताल बड़ी ब्राह्मणा और सरकार द्वारा प्रबंधित आठ औषधालयों में स्वास्थ्य देखभाल लाभ प्रदान किया जा रहा है। इसके अलावा जम्मू व कश्मीर में 20 सुचिबद्ध अस्पताल और अन्य केंद्र हैं जहां बीमाकृत व्यक्तियों और उनके आश्रितों को मुफ्त में उपचार प्रदान किया जाता है।