मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित मंत्रिमण्डल की बैठक में नाहन एवं चम्बा में दो चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित करने के लिए केन्द्र सरकार के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित को स्वीकृति प्रदान की गई। इन चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रति वर्ष एमबीबीएस की 100-100 सीटें भरी जाएंगी और इन्हें सम्बन्धित जिले के जिला अस्पताल के साथ सम्बद्ध किया जाएगा। इन दोनों महाविद्यालयों की स्थापना पर कुल 378 करोड़ रुपये व्यय होंगे।मंत्रिमण्डल ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अन्तर्गत लम्बित लगभग 12 हजार मामलों को स्वीकृत प्रदान की। बैठक में सामाजिक सुरक्षा पेंशन को 500 रुपये से बढ़ाकर 550 रुपये करने तथा 80 वर्ष से अधिक आयु के लाभार्थियों को आय सीमा की शर्त के बगैर प्रतिमाह 1000 रुपये पेंशन प्रदान करने और शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों की पेंशन 500 रुपये से बढ़ाकर 750 रुपये प्रति माह करने को भी स्वीकृति दी गई। पेंशन की यह बढ़ी हुई दरें प्रथम अप्रैल, 2014 से लागू होंगी।
मंत्रिमण्डल ने मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के अनुरूप शारीरिक रूप से अक्षम छात्रों को छात्रवृत्तियां प्रदान करने का निर्णय लिया। यह छात्रवृत्तियां विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालय के शारीरिक रूप से अक्षम नियमित छात्रों की पारिवारिक आय को संज्ञान में न लेते हुए प्रदान की जाएंगी। प्रथम कक्षा से लेकर स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम तक के छात्रों को यह छात्रवृत्तियां दी जाएंगी। इनमें डिप्लोमा/व्यावसायिक/तकनीकी/व्यावसायिक पाठ्यक्रम शामिल होंगे। बैठक में 40 से 69 प्रतिशत अक्षमता तक के व्यक्तियों को विवाह अनुदान के रूप में 8000 रुपये तथा 70 से 100 प्रतिशत तक अक्षमता वाले व्यक्तियों को विवाह अनुदान के रूप में 40 हजार रुपये प्रदान करने का निर्णय भी लिया गया। बैठक में वित्तीय वर्ष 2014-15 में 543 ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं में भंडारण टैंक अथवा क्षेत्र भंडारण टैंक अथवा हैडवर्क से पम्पिंग स्टेशन से मुख्य भंडारण टैंक तक जल के वितरण के लिए 500 जल रक्षकों की सेवाएं लेने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमण्डल ने हिमाचल प्रदेश राज्य सचिवालय में 150 लिपिकों की भर्ती को स्वीकृति प्रदान की।बैठक में आयुर्वेद विभाग में स्वास्थ्य विभाग की तर्ज पर उन स्टाफ नर्सों की सेवाओं को तीन वर्ष की सेवा पूरी करने के उपरांत राज्य सरकार के अनुबंध में परिवर्तित करने का निर्णय लिया गया, जो रोगी कल्याण समितियों के माध्यम से अनुबंध आधार पर नियुक्त की गई थीं। बैठक में राजपूत कल्याण बोर्ड तथा ब्राह्मण कल्याण बोर्ड के कार्य को प्रदेश सचिवालय के सामान्य प्रशासन विभाग को सौंपने का निर्णय लिया गया।
मंत्रिमण्डल ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी, हिमाचल प्रदेश (पारदर्शिता एवं शिकायत निवारण) संशोधन नियम 2014 के प्रारूप तथा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी, हिमाचल प्रदेश (बेरोजगारी भत्ते का भुगतान) नियम, 2014 के प्रारूप के लिए सुझाव एवं आपत्तियां आमंत्रित करने को स्वीकृति दी। बैठक में हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के कार्यान्वयन के लिए स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ/विकास व्यावसायी तथा क्षेत्रीय समन्वयकों की भर्ती को स्वीकृति प्रदान की। समुदाय समन्वयकों की भर्ती या तो आउटसोर्सिंग एजेंसी अथवा कार्यक्रम के अन्तर्गत केन्द्र सरकार द्वारा जारी प्रापण मैनुअल के अनुसार की जाएगी। मंत्रिमण्डल ने सीधी भर्ती के माध्यम से आबकारी एवं कराधान अधिकारियों के चार पद भरने का निर्णय लिया। अगले दो वर्षों में आबकारी एवं कराधान निरीक्षकों के 26 पद सीधी भर्ती के माध्यम से भरने का भी निर्णय लिया गया।बैठक में औद्योगिक इनपुट पर कर की दर से सम्बन्धित तथा समाचार पत्र न्यूजप्रिंट, प्रकाशन सामग्री, प्लेट एवं मशीनरी तथा समाचार पत्रों के प्रकाशन के लिए प्रयोग में लाई जाने वाली स्याही पर प्रवेश शुल्क में छूट से सम्बन्धित संशोधनों पर भी निर्णय लिया गया।मंत्रिमण्डल ने प्रदेश में लघु जल विद्युत क्षमता के शीघ्र दोहन के लिए जल ऊर्जा नीति के अन्तर्गत प्रक्रियाओं के सरलीकरण को भी स्वीकृति प्रदान की।बैठक में प्रथम अप्रैल, 2014 से प्रदेश में स्थापित होने वाले नए उद्योगों के लिए विद्युत डयूटी घटाने और डयूटी पर अतिरिक्त छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
मंत्रिमण्डल ने हिमाचल प्रदेश में सोलर फोटोवोल्टिक परियोजनाएं स्थापित करने के लिए सौर ऊर्जा नीति को स्वीकृति प्रदान की।
लाहौल एवं स्पीति जिले में 120 मैगावाट की मियाड़ जल विद्युत परियोजना की निर्माण ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए लाहौल एवं स्पीति जिले में तीन मेगावाट की कुरछेड़ लघु जल विद्युत परियोजना को मैसर्ज मियाड़ हाइड्रो इलैक्ट्रिक पावर कम्पनी लिमिटेड को आवंटित करने का निर्णय लिया गया।मंत्रिमण्डल ने तिदांेग-प् जल विद्युत परियोजना की पुनर्स्थापन एवं पुनर्वास नीति को स्वीकृति प्रदान की।बैठक में शिमला जिला में 2.50 मेगावाट की डोगरी लद्यु जल विद्युत परियोजना के आवंटन को कुछ शर्तों के आधार पर पुनर्बहाल करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमण्डल ने शिमला जिला की कोटखाई तहसील की ग्राम पंचायत एवं ग्राम नगान में नया आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने और अनुबंध आधार पर आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी का एक पद सृजित करने को स्वीकृति दी। बैठक में मण्डी जिले में मण्डी पुलिस थाने के अन्तर्गत कोटली में, करसोग पुलिस थाने के अन्तर्गत निहरी में और पधर पुलिस थाने के अन्तर्गत कमांद में नई पुलिस चौकियां खोलने को स्वीकृति दी गई।
चम्बा जिला में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बाठड़ी को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और शिमला जिला में स्वास्थ्य उप केन्द्र धरोगड़ा को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के रूप में स्तरोन्नत करने तथा मण्डी जिले में कोहला-नाल (बाली चौकी) में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने को स्वीकृति दी गई।बैठक में राज्य सरकार की नीति के अनुसार पंचायती राज संस्थानों के पदनामित अनुबंध पंचायत सचिवों को नियमित करने की नीति स्वीकृत की गई। पंचायती राज संस्थानों में 6 वर्ष का संतोषजनक कार्यकाल पूरा करने के उपरांत पंचायत सहायकों को अनुबंध पंचायत सचिव के रूप में पदनामित करने को भी स्वीकृति प्रदान की गई। पंचायत सहायकों के मासिक मानदेय को 5910 रुपये से बढ़ाकर 7000 रुपये करने को भी स्वीकृति प्रदान की गई।मंत्रिमण्डल ने वित्त वर्ष 2012-13 के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम के सभी कर्मचारियों को वेतन के 8.33 प्रतिशत की दर पर अनुग्रह अनुदान के भुगतान को स्वीकृति प्रदान की। इसके लिए प्रति कर्मचारी अधिकांश सिलिंग 15 हजार रुपये होगी। बैठक में कांगड़ा जिले के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बड़ोह में अनुबंध आधार पर ट्रेड इंस्ट्रक्टर, इंजीनियरिंग ड्राईंग इंस्ट्रक्टर, मैथस इंस्ट्रक्टर और एम्प्लोयबिलिटी स्किल इंस्ट्रक्टर के पद सृजित कर भरने तथा सरप्लस पूल से वर्कशॉप अटेंडेंट का पद सृजित कर भरने की स्वीकृति दी गई।
मंत्रिमण्डल ने पुलिस अधीक्षक शिमला के कार्यालय के लिए 10 नई बजाज पल्सर मोटर साईकलें खरीदने को भी स्वीकृति दी।