केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आज़ाद ने आज मण्डी से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से डा. राजेन्द्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय (आरपीजीएमसी), टांडा में 150 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल खण्ड का लोकार्पण किया। आज़ाद को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री कौल सिंह ठाकुर के साथ आरपीजीएमसी जाना था, किन्तु खराब मौसम के कारण वह मण्डी से टाण्डा नहीं जा सके।आज़ाद ने इससे पूर्व जोनल अस्पताल मण्डी में 17 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले 100 बिस्तरों वाले मातृ-शिशु अस्पताल की आधारशिला रखी। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने जोनल अस्पताल परिसर मण्डी में तदोपरांत उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार ने जम्मू और कश्मीर, उत्तराखण्ड तथा हिमाचल प्रदेश के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में बजट आवंटन को दोगुना कर दिया है। इन पहाड़ी राज्यों की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के दृष्टिगत निर्धारित समय सीमा में विकास कार्य करना कठिन है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं जम्मू-कश्मीर के डोडा क्षेत्र के रहने वाले हैं और पहाड़ी क्षेत्रों की समस्याओं को भलीभांति समझते हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में अन्य राज्यों की अपेक्षा कार्य समय केवल 6 से 7 माह के लिए ही मिलता है।
केन्द्रीय मंत्री ने प्रदेश के अस्पतालों में दो ट्रॉमा केन्द्र तथा इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय शिमला में बर्न केन्द्र/इकाई स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ‘मैं हिमाचल प्रदेश को अगले चार वर्षों में विकास के सभी क्षेत्रों विशेषकर स्वास्थ्य क्षेत्र में आदर्श राज्य के रूप में उभरते हुए देखना चाहता हूं’। उन्होंने कहा कि देश में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा संस्थान जैसे 6 स्वास्थ्य संस्थान विकसित किए गए हैं। इन अस्पतालों में आंकोलॉजी, कार्डियो-थोरेसिक, वैस्क्यूलर सर्जरी, न्यूरोलॉजी, नेफरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, गैस्ट्रोएंटिरोलॉजी, कार्डियोलॉजी और यूरोलॉजी जैसी विशेषज्ञ सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। टांडा भी इन्हीं संस्थानों में से एक है। इसी प्रकार का एक और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल शिमला में 150 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के लोगों को राहत मिलेगी अन्यथा विशेषज्ञ उपचार के लिए उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ अथवा एम्स दिल्ली जाना पड़ता था।
उन्होंने कहा कि गत दो वर्षों से केन्द्र सरकार हिमाचल प्रदेश को राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत 90ः10 के अनुपात में धनराशि स्वीकृत कर रही है, जबकि अन्य प्रदेशों को 75ः25 के अनुपात में सहायता प्रदान की जा रही है।उन्होंने कहा कि शिमला तथा मण्डी में दो कैंसर संस्थान स्थापित किए जाएंगे तथा प्रदेश के पिछड़े एवं सीमान्त जिलों चम्बा और नाहन स्थित सिरमौर में 190-190 करोड़ रुपये व्यय कर दो चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित किए जाएंगे। प्रदेश के समग्र विकास में मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना करते हुए श्री आज़ाद ने कहा कि श्री वीरभद्र सिंह की दूरदृष्टि और गतिशील नेतृत्व के कारण ही हिमाचल प्रदेश प्रगति के पथ पर तीव्र गति से अग्रसर है। उन्होंने कहा कि ‘मण्डी के रहने वाले पंडित सुखराम जी ने दूरसंचार के क्षेत्र में क्रांति का सूत्रपात किया और यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है कि हिमाचल देश का पहला राज्य था, जिसने दूरसंचार के क्षेत्र में विशिष्ट प्रगति की और प्रदेश के प्रत्येक गांव में टेलीफोन सम्पर्क उपलब्ध है’।
आज़ाद ने कहा कि गत एक दशक में और विशेषकर यूपीए सरकार के कार्याकाल में देश में स्वास्थ्य क्षेत्र में सकारात्मक क्रांति आई है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में आधारभूत अधोसंरचना को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दिया है। वर्ष 2004 से 2009 की अवधि में 18000 अस्पताल खोले गए और उनके कार्यकाल में 35 हजार स्वास्थ्य संस्थान खोले गए। अधिक से अधिक विशेषज्ञ चिकित्सकों, एमबीबीएस चिकित्सकों और नर्सों सहित अन्य पैरामेडिकल कर्मचारियों की भर्ती के लिए भारतीय चिकित्सा परिषद तथा नर्सिंग परिषद के मानकों में संशोधन किया गया।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश को स्वास्थ्य अधोसंरचना सुदृढ़ करने तथा गरीब लोगों को उनके घरों के समीप बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए उदार वित्तीय सहायता प्रदान करने पर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आरपीजीएमसी का सभी आधुनिक सुविधाओं एवं उपकरणों सहित पूर्ण स्वास्थ्य क्षेत्र के रूप में विकसित होने से उनका सपना पूरा हुआ है। उन्होंने कहा कि ‘मैं सदैव टांडा चिकित्सा अस्पताल एवं महाविद्यालय को आईजीएमसी शिमला के साथ देश का प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान बनते देखना चाहता था और मुझे प्रसन्नता है कि मेरी मुख्य परियोजना साकार हुई है’। उन्होंने कहा कि वे विकास के क्षेत्र में कोई भेदभाव नहीं करते तथा शिमला और कांगड़ा में प्रदेश के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान खोले गए हैं। उन्होंने मण्डी जिले के नेर चौक में ईएसआई मेडिकल कॉलेज और अस्पताल स्थापित करने का प्रस्ताव रखा था ताकि प्रदेश के केन्द्रीय जोन में भी प्रमुख चिकित्सा संस्थान हो। ईएसआई अस्पताल को शैक्षणिक कार्यों के लिए जोनल अस्पताल मण्डी के साथ जोड़ा गया है और यह शीघ्र ही कार्य करना आरम्भ कर देगा।
उन्होंने कहा कि श्री आज़ाद पहाड़ी राज्यों की समस्यओं से भलीभांति परिचित हैं और चम्बा तथा नाहन स्थित सिरमौर में दो चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित करने की घोषणा और प्रदेश के दो सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ स्वास्थ्य अधोसंरचना विकसित करने के लिए उदार वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश के लोग उनके आभारी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि टांडा में सुपर स्पेशियलिटी खण्ड के आरम्भ होने से कांगड़ा, चम्बा, मण्डी, हमीरपुर और ऊना के लोगों को उचित दामों पर बेहतर ईलाज की सुविधा होगी। स्वास्थ्य क्षेत्र का विकास उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए वर्तमान बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 1050 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि आईजीएमसी परिसर में भीड़भाड़ को कम करने के उद्देश्य से शिमला के समीप घणाहट्टी में नया परिसर विकसित करने का प्रस्ताव है। यहां150 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से दंत चिकित्सा एवं नर्सिंग महाविद्यालय स्थापित किए जाएंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला स्थित कमला नेहरू अस्पताल को भी पूर्ण मातृ-शिशु अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा और यहां माता एवं शिशु को तृतीय स्तर की सभी सेवाएं उपलब्ध होंगी। प्रदेश में इस प्रकार का यह दूसरा अस्पताल होगा। पहले अस्पताल की आधारशिला आज मण्डी में रखी गई है।इससे पूर्व, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री कौल सिंह ठाकुर ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री तथा मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश को दी गई उदार वित्तीय सहायता और प्रदेश में विशेष रूचि के लिए प्रदेश के लोग उन्हें सदैव याद रखेंगे। उन्होंने प्रदेश में निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित स्वास्थ्य परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मण्डी तथा शिमला में दो कैंसर अस्पताल स्थापित करने पर 45-45 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे।
परिवहन मंत्री श्री जी.एस. बाली ने टांडा से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से केन्द्रीय मंत्री का टांडा में सुपर स्पेशियलिटी का लोकार्पण करने के लिए आभार व्यक्त किया और उन्हें 8 मार्च, 2014 को कांगड़ा आने का न्यौता दिया। उस दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उपाध्यक्ष श्री राहुल गांधी धर्मशाला में प्रदेश के लोगों को सम्बोधित करेंगे। उन्होंने डॉं राजेन्द्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा में ट्रॉमा केन्द्र खोलने और टांडा मेडिकल कॉलेज तथा आईजीएमसी शिमला में एमबीबीएस की सीटें 100 से बढ़ाकर 150 करने का आग्रह किया।ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री श्री अनिल शर्मा, मुख्य संसदीय सचिव श्री सोहन लाल, जिला कांग्रेस समिति मण्डी के अध्यक्ष श्री पूरन चंद ठाकुर तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर मण्डी में उपस्थित थे।अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विनीत चौधरी ने टांडा से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से टांडा से धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. जयश्री, आरपीजीएमसी एवं अस्पताल टांडा के प्रधानाचार्य डॉ. अनिल चौहान तथा कॉलेज के अध्यापक एवं कर्मचारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के समय उपस्थित थे।