डिप्टी कमिश्नर अपनीत रिआत ने आज बचत भवन में विभिन्न विभागों के साथ अपनी पहली मासिक मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए सडक़ सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि सडक़ हादसों में कीमती जानों का बेकार जाना दुर्भाग्यपूर्ण है, इसलिए प्रशासन को इस ओर ख़ास ध्यान देने की ज़रूरत है।सडक़ सुरक्षा संबंधी गठत समिति बारे बोलते हुए उन्होंने कहा कि इस समिति में डी.एस.पी. (ट्रैफिक़) बतौर नोडल अफ़सर काम करेंगे जबकि अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास), सभी एस.डी.एम., सभी कार्यपालक अफ़सर, समूह जि़ला शिक्षा अफ़सर, आर.टी.ए. या नुमायंदा, राष्ट्रीय राजमार्ग अथॉरिटी (एन.एच.ए.आई.) का नुमायंदा, ऐक्सियन पी.डब्ल्यू.डी. या नुमायंदा और सामाजिक संस्था के दो सदस्य बतौर मैंबर कार्य करेंगे। उन्होंने सख्त हिदायत दी कि सडक़ सुरक्षा संबंधी महीने में एक बार विशेष मीटिंग होगी, इसलिए समिति के समूह अधिकारी सडक़ हादसे रोकने, सडक़ सुरक्षा कामों में सुधार और हादसों के लिए संवेदनशील स्थानों की पहचान, योजनाओं और सुझावों संबंधी पूरी तैयारी करने के साथ-साथ एजेंडा तैयार करके आएं।शहर को कूड़ा-कर्कट मुक्त करने के संकल्प के अंतर्गत उन्होंने जि़ले के समूह कार्यपालक अफसरों को सख्त ताडऩा की कि वे अगली मीटिंग में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट संबंधी मुकम्मल योजना तैयार करके लाएं जिससे तंदुरुस्त पंजाब मिशन के लक्ष्य की तरफ और कदम बढ़ाए जा सकें। उन्होंने कहा कि शहरों में से कूड़े का ख़ात्मा या उसे उचित स्थान पर गिरवाना कार्यपालक अफ़सर की जि़म्मेदारी बनती है और इस संबंधी लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जायेगी। नगर निगम के नुमायंदों के साथ मीटिंग के दौरान उन्होंने सफ़ाई प्रबंधों संबंंधी लोगों को जागरूक करने के लिए भी कहा। उन्होंने ख़ास तौर पर कहा कि जि़ले के बरसाती पानी का निकास हर कीमत पर यकीनी बनाया जाये और सीवरेज पाईपें, नालों और रजवाहों की सफ़ाई के साथ-साथ इन पर निरंतर नजऱ रखी जाये।
समस्त विभागों को वर्ष 2014, 2015 और 2016 के अधूरे पड़े कार्यों को संपूर्ण करने के निर्देश देते हुए उन्होंने समस्त विभाग मुखियों को अगली मीटिंग के दौरान ऐसे कार्यों संबंधी निल रिपोर्ट पेश करने की सख्त ताडऩा की। विभाग मुखियों की जि़म्मेदारी तय करते हुए उन्होंने कहा कि अधूरे पड़े कार्यों संबंधी ढिलाई वाला रवैया बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।डिप्टी कमिश्नर अपनीत रिआत ने विशेष तौर पर कहा कि जि़ले में प्लास्टिक के प्रयोग संबंधी लोगों का जागरूक होना पर्यावरण के लिए अच्छी बात है परन्तु उससे आगे कार्यवाही करते हुए प्लास्टिक के लिफ़ाफोंआदि का प्रयोग करन से न टलने वालों के जुर्माने किये जाएँ। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक का प्रयोग न करने संबंधी निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध एक्ट के मुताबिक 3,000 रुपए से लेकर 20,000 तक का जुर्माना और तीन महीने की सज़ा की व्यवस्था है।उन्होंने जि़ला विकास और पंचायत विभाग के अधिकारियों को हिदायत की कि सरकारी /पंचायती ज़मीनों पर हुए नाजायज कब्ज़े तुरंत हटाए जाएँ। गाँवों में सडक़ों और छप्पड़ों की सफ़ाई संबंधी अकेले-अकेले कार्य का जायज़ा लेते हुए उन्होंने ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के अधिकारियों और जि़ला मंडी अफ़सर को मुकम्मल किये जा चुके अलग -अलग विकास कार्यों संबंधी सर्टीफिकेट जमा करवाने के लिए कहा। तकरीबन चार घंटे चली मीटिंग के दौरान उन्होंने एम.पी.लैड और विधानसभा सदस्यों संबंधी फंडों के अधीन हुए विकास कार्य का जायज़ा लिया और सम्बन्धित अधिकारियों को रहते कार्य जल्द से जल्द मुकम्मल करने के निर्देश दिए। राजस्व विभाग के अधिकारियों से मासिकी काम-काज के विवरण लेते हुए उन्होंने वसूली प्रक्रिया में और तेज़ी लाने के लिए कहा।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को लोगों के स्वास्थ्य सुधार के अंतर्गत मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों के विरुद्ध निरंतर चैकिंग करने की हिदायत की। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को कहा कि पैंशन मामलों में किसी भी किस्म की कोताही न इस्तेमाल की जाये और बुढ़ापा, विधवा और अपंग पैंशन के मामलों को ख़ास प्रथमिकता दी जाये। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को शहर में हर किस्म के ध्वनि प्रदूषण को मुकम्मल तौर पर ख़त्म करनह्य की हिदायत की। उन्होंने कहा कि विभिन्न आयोगों से प्राप्त सभी लंबित शिकायतों का तुरंत निपटारा यकीनी बनाया जाये।इस अवसर पर अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास) श्री गुरमीत सिंह सिद्धू, सहायक कमिश्नर (शिकायत)-, एस.डी.एम मानसा श्री अभिजीत कपलिश, एस.डी.एम. सरदूलगढ़ श्री लतीफ अहमद के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
सेवा केन्द्रों के कार्य में विघ्न डालने वाले मुलाजिमों की खिचाई
डिप्टी कमिश्नर अपनीत रिआत ने सेवा केन्द्रों का काम-काज बीच में छोडक़र पिछले दिनों सरदूलगढ़ सेवा केन्द्रों से मानसा में वेतन लेने आए मुलाजिमों और अधिकारियों की मीटिंग के दौरान खिंचाई की। उन्होंने सम्बन्धित मुलाजिमों को भविष्य में ऐसा न करन के लिए चेताते हुए कहा कि सेवा केन्द्रों में लोगों को किसी किस्म की परेशानी होना बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।