राज्यपाल के सलाहकार खुर्शीद अहमद गनई ने आज बाढ़ नियंत्रण विभाग के अभियंताओं को जमीनी स्तर पर अपनी दृश्यता बढाने तथा राज्य में बाढ़ सुरक्शा के लिए निर्धारित लक्श्यों की प्राप्ति हेतु अधिक सक्रिय कदम उठाने के निर्देश दिये। सलाहकार ने ये निर्देश आज पीएचई एवं सिंचाई तथा बाढ़ नियंत्रण विभाग की कार्यप्रणाली की समीक्शा हेतु एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्शता करते हुए दिये। साथ सम्पर्क बढ़ाने की आवश्यकता पर बल देते हुए खुर्शीद गनई ने कहा कि यह अनिवार्य है कि अभियंता लोगों का भरोसा वापिस पाने के लिए जमीनी स्तर पर उपलब्ध रहें। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के साथ नियमित रुप से सम्पर्क में रहने से सम्भव आपातकालीन स्थितियों में प्रभावशाली कदम उठाने के लिए अधिकारियों की सहायता होगी। उन्होंने कहा कि यहां पर एक संस्थागत निगरानी प्रणाली होगी जो जमीनी स्तर पर कार्य की गति का पता लगाएगी।
सलाहकार ने कहा कि दूरदराज के क्शेत्रों में पेयजल की अत्यधिक कमी एक चिंता की बात है। उन्होेंने कहा कि सुरक्शित पेयजल राज्य के हर एक नागरिक का अधिकार है। उन्होंने आधुनिक प्रौद्योगिकी अपनाने तथा सभी फिल्ट्रेशन प्लांट में तथा इनके आसपास स्वच्छता बनाये रखने के निर्देश दिये। इससे पूर्व सलाहकार को जम्मू तथा कश्मीर संभागों से 2 अलग अलग प्रस्तुतियां पेश की गईं जिसमें किसी भी बाढ़ जैसी स्थिति से राज्य को बचाने के लिए विभाग द्वारा नियोजित अल्पावधि तथा दीर्घावधि उपायों से सम्बंधित पूरी जानकारी है। सलाहकार ने सम्बंधितों को विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर उनके कार्यालय में पेश करने के निर्देश दिये तथा आश्वासन दिया कि वह बाढ़ स्थिति के लिए आवश्यक सभी उपाये सुनिश्चित करने तथा राज्य को बाढ़ से सुरक्शित रखने के लिए हर सम्भव उपाये करेंगे। पीएचई, सिंचाई एंव बाढ़ नियंत्रण सचिव फारूक शाह, मुख्य अभियता, अधीक्शक अभियंता, एक्सईएन तथा जम्मू, कश्मीर तथा लददाख क्शेत्रों के अन्य सम्बंधित अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।