राज्यपाल आचार्य देवव्रत से आज यहां राजभवन शिमला में पशु पालन, ग्रामीण विकास एवं मत्स्य मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने भेंट कर उन्हें साहीवाल, रेड सिंधी तथा थारपारकर नस्ल की देसी गायों को प्रदेश में प्रचलित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी। राज्यपाल ने बैठक के दौरान सुझाव दिया गया कि शून्य लागत प्राकृतिक खेती को कार्यान्वित करने के लिए प्रदेश में चलाई जा रही गौशालाओं/गोसदनों में 10-15 देसी नस्ल की गायें पाली जाए ताकि यह गौसदन बीजामृत तथा धनजीवामृत को तैयार कर उसे किसानों को बेच कर आय का साधन सृजित कर सके व किसानों को भी फसल उगाने में सहायता मिले। उन्होंने किसानों व विभागीय अधिकारियों/कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान करने के बारे में भी कहा।पशु पालन मंत्री श्री वीरेन्द्र कंवर ने कहा कि पशु पालन विभाग उच्च नस्ल की देसी गायों के तृण साबरमती आश्रम गौशाला बिदाज, उत्तराखंड तथा हिसार से खरीद कर पशु चिकित्सा संस्थानों के माध्यम से कृत्रिम गर्भाधान के लिए उपलब्ध करवा रहा है।
मंत्री ने बताया कि भारत सरकार द्वारा चयनित एस्पिरेशनल जिला चम्बा में सेक्स सॉर्टेड सीमेन का पहली बार प्रायोगिक योजना के तौर पर 2 से 14 अक्तूबर, 2018 के दौरान प्रयोग किया जाएगा। इसके अतिरिक्त बैठक में प्रदेश में उपलब्ध पशु आहार की गुणवत्ता व उपलब्धता पर विचार-विमर्श के दौरान मंत्री ने कहा कि विभाग द्वारा पशु आहार तैयार कर पशु पालकों को उपलब्ध करवाने के लिए पशु आहार संयंत्र स्थापित करने के लिए एक योजना तैयार कर ली है तथा पशु आहार की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मवेशी प्रजनन अधिनियम का प्रारूप भी तैयार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि विभाग जुलाई माह में शिमला में एक कार्यशाला का आयोजन करेगा। बैठक में डा. स्वदेश कुमार चौधरी, निदेशक, पशु पालन विभाग भी उपस्थित रहे। .