पंजाब के पशु पालन, डेयरी विकास, मछली पालन और श्रम मंत्री बलवीर सिंह सिद्धू ने राज्य के लोगों और किसानों को अपनी आर्थिक हालत मज़बूत बनाने के लिए पशु पालन जैसे सहायक धंधे अपनाने का न्योता दिया है।उन्होंने यह प्रगटावा आज रूपनगर के सीमन बैंक और गाँव कटली के मछली पूंग फार्म का निरीक्षण करने के मौके किया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार राज्य के नौजवानों को पशु पालन का पेशा अपनाने के लिए जहाँ लोगों और किसानों को सब्सिडी मुहैया करवाएगी, वहीं नौजवानों को इस पेशे का प्रशिक्षण भी देगी जिससे लोग और किसान इस पेशे के द्वारा अधिक से अधिक लाभ कमा सकें। उन्होंने कहा कि आज नौजवानों को रोजग़ार के बढिय़ा मौके मुहैया करवाए जाने की ज़रूरत है जिससे नौजवानों को अपने पैरा पर खड़ा किया जा सके। उन्होंनेे राज्य के लोगों को पशु पालन जैसे पैतृक धंधों के साथ जुडऩे की अपील भी की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सरकारी अस्पतालों में कृषि यूनिवर्सिटी, लुधियाना जैसी सहूलतें मुहैया करवाएगी और वेटनरी डाक्टरों और स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए जहाँ नयी भर्ती करेगी वहीं रैसनेलाईजेशन विधि भी अपनाएगी।पंजाब के सरकारी सीमन बैंक रूपनगर में सीमन तैयार करने और उसके रख-रखाव संबंधी उन्होंने बताया कि इस बैंक का क्षेत्र 21 एकड़ में फैला हुआ है और यहाँ 14 एकड़ में हरे चारे की बीजाई की जाती है। उन्होंने बताया कि यहाँ सांडोंं और भैंसों जिनकी संख्या 56 हैं, की एच.एफ 100, जर्सी, एच.एफ करास और साहिवाल किस्मों के सीमन का उत्पादन किया जाता है। उन्होंने बताया कि रूपनगर का सीमन बैंक आई.एस.ओ. द्वारा प्रमाणित है और यह बैंक में साल 1998 से 2018 तक 1,27,58,784 सीमन ख़ुराकों दस उत्पादन किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि यहाँ तैयार किया और गुणवत्ता कंट्रोल द्वारा प्रमाणित सीमन राज्य स्तरीय सीमन वितरण केंद्र पटियाला भेज दिया जाता है। उन्होंने बताया कि इस बैंक का वर्ष 2018-2019 का लक्ष्य 15,000,00 लाख सीमन ख़ुराकें तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।इसके उपरांत स. सिद्धू ने मछली पूंग फार्म कटली का दौरा भी किया। उन्होंने यहाँ मछली का पूंग तैयार किये जाने की प्रक्रिया का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेती विभिन्नता पर विशेष ध्यान दे रही है और किसानों को मछली पालन जैसे सहायक धंधों के साथ अपनी आय बढ़ानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मछली पूंग फार्म में साल 2017 -2018 के दौरान 43.48 लाख मछली के पूंग का उत्पादन किया गया था जिससे राज्य का 1766 एकड़ क्षेत्र कवर किया जा उठाया है। उन्होंने कहा जिला रूपनगर के इस फार्म में अबतक 254 पाँच दिनों प्रशिक्षण कैंप और 697 हिक्क दिवसीय कैंप आयोजित किये जा चुके हैं जिससे मछली पालक अधिक लाभ कमा सकें। उन्होंने कहा मछली पालन के लिए रूपनगर जिले के पालकों के लिए अब तक 27, 95, 100 सब्सिडी बांटी जा चुकी है।इस मौके पर स. लखमीर सिंह अतिरिक्त डिप्टी कमिशनर जनरल रूपनगर, श्री हरबंस सिंह सहायक कमिशनर जनरल, एस.डी.एम. श्रीमती हरजोत कौर, तहसीलदार श्री राजपाल सिंह सेखों के अलावा पूर्व विधायक स. भाग सिंह, श्री रमेश गोयल, श्री गुरिन्दर पाल बिल्ला, श्री सुखविन्दर सिंह विसकी, ज़ैलदार सतविन्दर सिंह चैडिय़ां, श्री प्रेम सिंह डल्ला, श्री पोमी सोनी, श्रीमती किरण सोनी, श्रीमती शीला नारंग, एडवोकेट अमिन्दरप्रीत सिंह बावा, श्री मेवा सिंह गिल, श्री कर्म सिंह, श्री कृष्ण सिंह बागवाली, श्री महेन्दर सिंह ढिल्लों, श्री जगदीश काजला, श्री राकेश कुमार बग्गा, श्री शिव दयाल आदि उपस्थित थे।