राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने लोगों से पीड़ित मानवता की सेवा करने और सम्बन्धित गतिविधियों में भाग लेने का आग्रह किया, जिससे लोगों की समस्याओं को कम किया जा सके। राज्यपाल आज सोलन के सरकारी रावमापा के पास कोथों गांव में इण्डियन एसोसिएशन ऑफ मस्कुलर डिस्ट्रॉफी (आईएएमडी) आयोजित एक समारोह में बोल रहे थे।राज्यपाल ने मानव मन्दिर के द्वितीय चरण का उद्घाटन किया, जो मस्कुलर डिस्ट्रॉफी से पीड़ितों के पुर्नस्थापन केन्द्र के रूप में कार्य करेगा।आचार्य देवव्रत ने कहा कि जो लोग सामाजिक कार्यां में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस तरह के महान कार्यों में अपना योगदान दे रहे हैं वे असली नायक होने के साथ-साथ दूसरों के लिए प्रेरणा स्रोत भी हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यों में किया गया दान ही सार्थक है। उन्होंने कहा कि यद्यपि कई समृद्ध लोग ऐसे है, जो स्वयं के लिए जी रहे हैं तथा ऐसे कई उदाहरण हैं, जहां ऐसे व्यक्तियों ने अपने माता-पिता को वृद्धाश्रमों में भेजा हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों का जीवन और धन व्यर्थ है। उन्होंने कहा कि यह सबकी नैतिक जिम्मेवारी है कि मुसीबत में पड़े हुए लोगों की सेवा करें तथा लोगों की सेवा ही ईश्वर की सेवा है।
‘समाज सेवा ही मानवता की असली सेवा है तथा ईश्वर ऐसे लोगों को अपना आर्शीवाद प्रदान करते हैं, जो समाज सेवा के कार्य से जुड़े हैं’ राज्यपाल ने कहा।उन्होंने आईएएमडी सोलन की संरक्षक श्रीमती उमा बाल्दी के प्रयासों की सराहना की, जिन्होंने मस्कुलर डिस्ट्रॉफी से पीड़ित लोगों के लिए सोलन में ऐसे बड़े केन्द्र की स्थापना की है। उन्होंने कहा कि वह दूसरों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने अन्य लोगों को इस तरह के महान कार्य में आगे आने और इस महान कार्य में उदार योगदान देने की अपील की।
राज्यपाल ने कहा कि एकीकृत मस्कुलर डिस्ट्रॉफी पुनर्वास केन्द्र इससे पीड़ित लोगों को राहत और पुर्नवास प्रदान करेगा और कहा कि केन्द्र चिकित्सा, जागरूकता शिविर तथा परामर्श केन्द्र प्रदान करने वाला देश में पहला संस्थान होगा। यह आवासीय फिजियोथेरेपी केन्द्र जहां उचित देखभाल प्रबन्धन, प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता, व्हील चेयर सेवा, स्वयंसेवक, जानकारी का आदान-प्रदान, दिन देखभाल केन्द्र, नैदानिक और परीक्षण सेवा सुविधा एक छत के नीचे प्रदान करेगा।उन्होंने लोगों से स्वस्थ जीवन के लिए शून्य लागत प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का भी आग्रह किया। उन्होंने लोगों से स्वच्छता और जल संरक्षण जैसे अन्य सामाजिक जागरूकता अभियानों के साथ जुड़ने का आग्रह किया।राज्यपाल ने इस केन्द्र में विभिन्न गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए दो लाख रुपये देने की घोषणा की।राज्यपाल ने उन लोगों को भी सम्मानित किया, जिन्होंने मानव मन्दिर की स्थापना में वित्तीय सहायता प्रदान की हैं।इस अवसर पर सांसद प्रो. वीरेन्द्र कश्यप ने राज्यपाल का स्वागत किया और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी से पीड़ित लोगों की सुविधा के लिए इस केन्द्र की स्थापना के लिए आईएएमडी के प्रयासों की सराहना की। इस बीमारी निपटने के लिए मरीजों को मजबूत इच्छा शक्ति की आवश्यकता होती है और यह केन्द्र विभिन्न उपचारों के माध्यम से आन्तरिक शक्ति को विकसित करने में मदद करता है। उन्होंने इस केन्द्र के लिए बुनियादी ढांचे की स्थापना में योगदान के लिए व्यक्तियों और समूहों की सराहना भी की।उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने दिव्यांग व्यक्तियों के कल्याण के लिए विभिन्न कार्यक्रम और योजनाएं शुरू की हैं और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी से पीड़ित व्यक्तियों को दिव्यांगों की सूची में जोड़ा है, जिससे उन्हें लाभान्वित किया जा सके। उन्होंने राज्य में शून्य बजट प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए धन्यवाद किया।
श्रीमती संजना गोयल अध्यक्ष आईएएमडी ने इस अवसर पर राज्यपाल का स्वागत किया और एसोसिएशन द्वारा पेश किए जाने वाले मस्कुलर डिस्ट्रॉफी के कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ऐसोसिएशन पिछले 26 वर्षों से कार्य कर रहा है और विशेषज्ञों के माध्यम से देखभाल पर्यवेक्षण और प्रबन्धन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केन्द्र के माध्यम से नियमित शिविर आयोजित किए जा रहे है और करीब 200 उपचार एक वर्ष के भीतर किए गए है। उन्होंने कहा कि इस केन्द्र के लिए आधारभूत ढांचा ओएनजीसी, एसजेवीएनएल और सांई इंजीनियरिंग फाउडेशन के आंशिक वित्तपोषण के साथ विकसित किया जा रहा है। उन्होंने केन्द्र विकसित करने के लिए उन सभी से निरन्तर प्रेरणा के लिए धन्यवाद किया।सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड के मुख्य महाप्रबन्धक श्री नन्द लाल शर्मा ने इस अवसर पर अपना सम्बोधन प्रस्तुत किया।इस अवसर पर मस्कुलर डिस्ट्रॉफी से पीड़ित बच्चों के माता-पिता ने भी अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने मरीजों को उपचार प्रदान करने और उन्हें सामान्य ेजीवन जीने के लिए प्रेरित करने के लिए केन्द्र के आयोजकों का धन्यवाद किया।संरक्षक आईएएमडी सोलन उमा वाल्दी ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया तथा सभी से लगातार समर्थन और संरक्षण की उम्मीद की। उन्होंने कहा कि आईएएमडी केन्द्र अपने पूरे सामर्थय से पीड़ितों की उम्मीद बनेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में आईएएमडी चण्डीगढ़, दिल्ली तथा सोलन में कार्य कर रहा है तथा उन्होंने लोगों से इसे उदारतापूर्वक दान करने की अपील की, जिससे अधिक से अधिक मरीज लाभान्वित हो सके।मस्कुलर डिस्ट्रॉफी से पीड़ित मरीजों ने भी इस अवसर पर प्रदर्शन किया।स्थानीय विधायक डॉ. धनीराम शाण्डिल, स्थाई निदेशक एसजेवीएनएल श्री गणेश दत्त, श्री पुरूषोत्तम गुलेरिया, उपाध्यक्ष राज्य खादी बोर्ड श्री देवेन्द्र ठाकुर, अध्यक्ष नगर परिषद सोलन डॉ. शशीकान्त शर्मा, सलाहकार राज्यपाल प्रो. अशोक शर्मा, निदेशक चिकित्सा शिक्षक, विनोद कुमार उपायुक्त सोलन, श्री मधु सुदन शर्मा पुलिस अधीक्षक, राज्य सरकार के अधिकारी और एसजेवीएनएल, बैंकों, शौक्षणिक संस्थानों व अन्य गणमान्य लोग भी इस अवसर पर उपस्थित थे।