ग्रामीण विकास तथा पंचायती राज मंत्री अब्दुल रहमान वीरी ने आज कृशि एवं ग्रामीण विकास राश्ट्रीय बैंक (नाबार्ड) के प्रतिनिधियों से प्रस्ताव पेश करने को कहा, जहां ग्रामीण विकास विभाग नाबार्ड के साथ अभिसरण में गतिविधियां कर सकता है। मंत्री ने यह बात अभिसरण के संभावित क्षेत्रों को तलाशने हेतु नाबार्ड के प्रतिनिधियों तथा ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। आरडीडी सचिव शीतल नंदा, आरडीडी निदेशक कश्मीर एम.एन शेख, आरडीडी वित्त निदेशक एस.एल. पंडिता, जेकेएसआरएलएम मिशन निदेशक जावेद बक्षी, आरडीडी संयुक्त निदेशक योजना, सीईओ हिमायत कपिल शर्मा, आरडीडी के अतिरिक्त सचिव आर.के बडयाल, नाबार्ड के उपमहाप्रबंधक कमल जावेद तथा डीडीएम नाबार्ड बडगाम जुनैद अहमद हकीम बैठक में उपस्थित थे। नाबार्ड के डीजीएम ने नाबार्ड के कार्यों तथा राज्य में विभिन्न क्षेत्रों के तहत विभिन्न गतिविधियां शुरू करने हेतु उपलब्ध करवाई जा रही वित्त सहायता के बारे में विस्तृत प्रस्तुति दी। बैठक में उन संभावनाओं पर भी विस्तृत चर्चा की गई जहां आरडीडी तथा नाबार्ड दोनों मिलकर राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के कल्याण हेतु अभिसरण में काम कर सकते हैं।
यह भी बताया गया कि नाबार्ड के कौशल प्रषिक्षण पहल का उपयोग जेकेएसआरएलएम द्वारा बनाये गये स्वसहायता समूहों के लिए किया जा सकता है जिससे इन समूहों के साथ जूडे लोगों को कौशल प्रषिक्षण में उन्नयन के साथ लाभ होगा। बैठक में बताया गया कि मनरेगा के तहत ग्रामीण विकास विभाग को ग्रामीण हॉट बनाने की आवश्यकता है यहां एसएचजी के सदस्य अपने उत्पादों को बेच सकते हैं। नाबार्ड के प्रतिनिधियों ने कहा कि इन ग्रामीण हॉट के लिए ढांचे के निर्माण हेतु प्रत्येक हॉट के लिए 10 लाख रु. तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जा सकती है। मंत्री ने आरडीडी सचिव से इस सम्बंध में नाबार्ड को एक प्रस्ताव पेश करने के लिए कहा जिससे अभिसरण में राज्य में इन हॉट की स्थापना की जाएगी ताकि लाभार्थियों को अपने उत्पादों के बेहतर विपणन के लिए एक उचित मंच उपलब्ध हो सके। वीरी ने कहा कि नाबार्ड ने आरआईडीएफ के तहत ग्रामीण ढांचे के निर्माण हेतु राज्य में एक सराहनीय कार्य किया है और यहां कई अन्य क्षेत्र, गतिविधियां हैं यहां आरडीडी तथा नाबार्ड ग्रामीण लोगों के लाभ हेतु हस्तक्षेप कर एक बेहतर तरीके से संसाधनों का उपयोग कर सकते हैं। यह निर्णय लिया गया कि आरडीडी विभाग लाभार्थियों की पहचान करेगा जिन्हें स्वरोजगार के योग्य बनाने हेतु नाबार्ड की कौशल पहल के तहत कौशल प्रषिक्षण दिया जा सकता है। नाबार्ड के प्रतिनिधियों ने मंत्री को आश्वासन दिया कि ये राज्य के लोगों की जरूरत के अनुसार प्रस्ताव तैयार करेंगे।