स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ देविंदर कुमार मन्याल ने आज कहा कि सरकार जल्द ही छात्रों के लाभ के लिए राज्य के मेडिकल कॉलेजों में बी-फार्मा और डी-फार्मा पाठ्यक्रम शुरू करेगी। मंत्री आज यहां जम्मू-कश्मीर राज्य पैरा-मेडिकल काउंसिल (एसपीएमसी) के कामकाज की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। प्रधान सचिव स्वास्थ्य एवं मेडिकल शिक्षा पवन कोतवाल, महानिदेशक स्वास्थ्य सेवा कश्मीर डॉ सलीम उर रहमान, निदेशक स्वास्थ्य सेवा जम्मू, जीएमसी जम्मू और श्रीनगर के प्रिंसिपल, अन्य वरिष्ठ डॉक्टर और अधिकारी बैठक में उपस्थित थे। एसपीएमसी की समग्र कार्यप्रणाली पर एक विस्तृत चर्चा आयोजित की गई। अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इन संस्थानों में बुनियादी ढांचे को भारतीय चिकित्सा परिषद के मानदंडों और दिशानिर्देशों के अनुसार विकसित किया जाना चाहिए।डॉ मन्याल ने अधिकारियों को आश्वासन दिया कि सरकार मेडिकल कॉलेजों में प्रयोगशाला, पुस्तकालय, संकाय, आवास, चिकित्सा उपकरण और संस्थानों के सुचारू कामकाज के लिए अन्य आवश्यक सुविधाओं सहित उचित आधारभूत संरचना स्थापित करने के लिए पूर्ण समर्थन प्रदान करेगी। मंत्री को उनके द्वारा नियोजित शिक्षण के तरीकों के अलावा मेडिकल कॉलेजों के कामकाज के बारे में जानकारी दी गई थी। बैठक में विभिन्न पैरामेडिकल धाराओं के डिप्लोमा/ डिग्री के ऑनलाइन पंजीकरण, विभिन्न पैरामेडिकल संस्थानों द्वारा दोहरी परिषद पंजीकरण, नए पैरामेडिकल संस्थानों की स्थापना के लिए आवेदन शुल्क में संशोधन, सरकारी अस्पतालों में छात्रों के अस्पताल प्रशिक्षण आदि के बारे में और जानकारी दी गई थी। मंत्री ने सभी अधिकारियों से कहा कि वे इस महत्वपूर्ण क्षेत्र के कामकाज को और बेहतर बनाने के लिए अपने सर्वोत्तम प्रयास करें, जो सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए गुणवत्ता जनशक्ति के उत्पादन के लिए जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता नहीं करेगी क्योंकि आज के छात्र भविष्य की संपत्ति हैं जिनके हाथ में राष्ट्र का स्वास्थ्य हैं।