उपमुख्यमंत्री कविन्द्र गुप्ता ने इंडस्ट्रीयल एस्टेट बड़ी ब्राहमणा में शुरू होने वाले जम्मू व कश्मीर उद्यमियता विकास संस्थान (जेकेईडीआई) के जम्मू कैम्पस की प्रगति का आज निरीक्षण किया। यह कविन्द्र गुप्ता का उद्योग एवं वाणिज्य विभाग का पदभार संभालने के बाद का पहला दौरा है। उपमुख्यमंत्री ने परियोजना की रूपरेखा की जांच कर कार्य की वर्तमान स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यकारी एजैंसी को कार्य की गति में तेजी लाने तथा इसे निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिये। इस अवसर पर जेकेईडीआई निदेशक डॉ. एम.आई परे ने उपमुख्यमंत्री को शुरू होने वाली परियोजना के विभिन्न हिस्सों के बारे में जानकारी दी। उपमुख्यमंत्री को बताया गया कि जेकेईडीआई का जम्मू कैम्पस 50 वर्श की निर्धारित समय सीमा के साथ 87.13 करोड़ रु. की अनुमानित राशि से शुरू किया जा रहा है। इस कैम्पस में युवा उद्यमियों के लिए इन्क्यूबेशन सैंटर, एक होस्टल, लाईब्रेरी तथा अन्य सुविधाएं होंगी। इस कैम्पस का नींव पत्थर 9 जुलाई 2017 को मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने रखा था तथा 14 नवम्बर 2017 को शुरू हुए प्रशासनिक ब्लाक, पब्लिक रिलेशन एंड मॉडल काउंसिलिंग सैंटर, गैस्ट हाउस तथा अन्य सम्बंधित कार्यों सहित पहले चरण का कार्य 21.6 करोड़ रु. की अनुमानित राशि से पूरा किया जाएगा। परियोजना के पहले चरण में गैस्ट हाउस तथा अन्य सम्बंधित कार्यों की जुलाई 2018 तक पूरा होने की संभावना है। दूसरे चरण में होस्टल भवन का निर्माण महत्वाकांक्षी उद्यमियों के लिए किया जाएगा जो जम्मू संभाग के दूरस्थ क्षेत्रों से विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने आएंगे। इस भवन का निर्माण 19.34 करोड़ की लागत से किया जाएगा जिसे 1 वर्श के भीतर पूरा किया जाएगा। तीसरे चरण में 42.48 करोड़ की अनुमानित राशि से सैंटर फार टेªनिंग एंड स्किल डिवेल्पमैंट एंड सैंटर फार इन्क्यूबेशन एंड बिजनस एक्सेलेरेशन (सीआईबीए) का निर्माण किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने राज्य में उद्यमियता की संस्कृति को प्रोत्साहित करने के प्रयासों हेतु जेकेईडीआई निदेशक डॉ. एम.आई परे तथा संस्थान के स्टाफ को बधाई दी। उन्होंने उनसे आग्रह किया कि वे इसे सुदृढ बनाने हेतु अपने प्रयासों को बढ़ाये ताकि लोगों को यह महसूस हो सके कि सरकारी नौकरियों के अलावा जम्मू कश्मीर राज्य के शिक्षित युवाओं के लिए आजीविका कमाने के पर्याप्त अवसर हैं।