पीएचई, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री शाम लाल चौधरी ने आज एक बैठक की अध्यक्षता कर झेहलम नदी तथा इसकी सहायक नदियों पर ढांचागत बाढ़ प्रबंधन कार्यों के चरण 2 की डीपीआर तैयार करने पर चर्चा की। पीएचई, आईएंडएफसी विभाग के सचिव एम. राजु, आईएंडएफसी जम्मू के मुख्य अभियंता के.के. मंगोत्रा, आईएंडएफसी कश्मीर के मुख्य अभियंता एम.एम. शाहनवाज, मुख्य अभिंयता आईबीओ सीडब्ल्यूसी चंडीगढ़ अतुल जैन, निदेशक एमएंडए सीडब्ल्युसी जम्मू कमलेश जैन तथा विभाग के अन्य वरिश्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।बैठक के दौरान बाढ़ प्रबंधन के सभी भागों पर विस्तृत चर्चा की गई। झेहलम नदी तथा इसकी सहायक नदियों पर ढांचागत बाढ़ प्रबंधन योजना कार्यों को प्रधानमंत्री की विकास योजना के अंतर्गत पूरा किया जा रहा है जिनमें बाढ़ सुरक्षा नदी की चौड़ाई, तटबंधन को बढ़ाने, नदी की खुदाई आदि शामिल हैं। इसमें नदी में बाढ़ के खतरे को कम करने हेतु अल्पावधि तथा दीर्घावधि कार्य शामिल हैं। योजना के पहले चरण के लिए पीएमडीपी के अंतर्गत 1684.60 करोड़ रु. मंजूर किये गये जिनमें से 1179.22 करोड़ केन्द्र तथा 505.38 करोड़ राज्य सरकार का हिस्सा है। डीपीआर तैयार करने की प्रगति से सम्बंधित मंत्री को बताया गया कि सीडब्ल्युपीआरएस पुणे द्वारा नदी का गणित मॉडल अध्ययन किया गया। सीडब्ल्यूसी अधिकारियों की एक टीम ने नदी के स्थलों का दौरा भी किया है। बैठक में उठाये गये विभिन्न प्रसांगिक मुददों का कड़ा संज्ञान देते हुए मंत्री ने अधिकारियों को 20 दिनों के भीतर विस्तृत केस स्टडी पेश करने के निर्देश दिये ताकि दुसरे चरण के लिए डीपीआर तैयार कर इस वर्श कार्य शुरू किया जा सके।