लोक निर्माण मंत्री नईम अख्तर ने आज सदन को बताया कि 27 किलोमीटर-रामनगर सडक को 37.47 करोड रु की अनुमानित राषि से उन्नयन के लिए लिया गया है।रणवीर सिंह पठानिया के ध्यानाकर्शण प्रस्ताव में मंत्री ने कहा कि सब प्रोजेक्ट को मौजूदा 3 मीटर चौडे कैरेज़ वे के स्तर को बढाने हेतु लिया गया था। उन्होंने कहा कि ठेकेदार सडक के कार्य को पूरा न कर सके जबकि तवी नदी पर 102 मीटर पुल का निर्माण कार्य भी छुटा है।उन्होंने कहा कि सड़क को ठेकेदार के काम न करने के कारण जून 2015 को और तवी नदी पर पुल के बचे हुए कार्य को पूरा करने के लिए जनवरी 2016 में आरएंडबी विभाग को सौंपा गया था ।इसके अतिरिक्त मंत्री ने सदन को बताया कि वर्तमान में टूटी हुई सड़क पर तारकोल बिछाई गई है। उन्होंने कहा कि मोहरा कोघा में 12 आरडी 0-400 किलोमीटर पडने वाली सडक भूसख्लन संवेदी है जहां पर वर्शा ऋतु के दौरान इस क्षेत्र मे रहने वाले लोगों को खतरा बना रहता है।उन्होंने कहा कि किसी भी हादसे से बचने के लिए 4.77 करोड रु की लागत से इस सडक के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार होने की प्रक्रिया में है। उन्होंने कहा कि शहर एवं कस्बा कार्यक्रम के तहत क्षतिग्रस्त सडकों में विा वर्श के दौरान 5.50 किलोमीटर सडक पर तारकोल बिछाई गई है।