कृषि मंत्री गुलाम नबी लोन हंजूरा ने गृह मंत्री की ओर से जवाब देते हुए आज सदन को बताया कि सरकार ने जम्मू और श्रीनगर के राजधानी शहरों में पार्किंग और 4000 करोड़ रू की दो रिंग रोड के निर्माण के लिए प्रस्तावित सड़क परियोजनाएं सहितयातायात की भीड़ को कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं। चरणजीत सिंह खालसा के एक प्रश्न के जवाब में मंत्री ने कहा जम्मू और कश्मीर यातायात पुलिस ने जम्मू और श्रीनगर में प्रभावी यातायात प्रबंधन के लिए यातायात कानूनों के प्रभावी प्रवर्तन, गलत पार्किंग के खिलाफ कारगर कार्रवाई के लिए भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने के लिए विभिन्न उपाय किए हैं जिनमें लेनिनर की स्थापना, लेन ड्राइविंग को लागू करने के लिए यातायात शंकुख् मोटर चालकों को शिक्षित करने के लिए जागरूकता अभियान आयोजित करना, एचएमवी की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाना,, सड़क के किनारे अनधिकृत रूप से पार्क किए गए वाहनों को उठाने, गलत पार्क किए गए वाहनों पर स्टिकर चिपकाने और संबंधित आरटीओ/ एआरटीओ को यातायात कानून के उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के लाइसेंस के निलंबन की सिफारिश की गई।
उन्होंने आगे बताया कि परिवहन विभाग ने श्रीनगर और जम्मू में आरटीओ, एसएमसी, एसडीए और आरएंडबी की भागीदारी के साथ बस स्टैंड /स्टॉप की पहचान के लिए एक संयुक्त कार्य शुरू किया है। उन्होंने बताया कि लखनपुर से रामबन के पीआईयू-जम्मू के अधिकार क्षेत्र में 62 बसे यात्री शेड का निर्माण किया गया है और 46 ऐसे शेड श्रीनगर से रामबन तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनाए जा रहे हैं।मंत्री ने कहा कि पीडब्ल्यूडी (आरएंडबी) ने राज्य में 2015-16 से शहरों और कस्बों के कार्यक्रमों के तहत 6434.22 किलोमीटर की सड़क की लंबाई पूरी कर दी है और 2,473.76 किमी पीएमजीएसवाई सड़कों पर तारकोल बिछाया गया है। विभाग ने पहाड़ी इलाकों में घातक दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जम्मू में 2,300 पैरेट्स का निर्माण भी किया है। उन्होंने कहा कि मोटर वाहन विभाग ने 45 मिनी बस स्टॉप और जम्मू शहर में 67 टू-व्हीलर स्टॉप और श्रीनगर में 56 बस स्टॉप को अधिसूचित किया है।अजातशत्रु सिंह, सुरिंदर कुमार चौधरी और खुर्शीद आलम ने मुख्य प्रश्न पर पूरक प्रश्न उठाए।